जयपुरः राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) ने पिछले करीब ढाई वर्षों में औद्योगिक विकास के क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल करते हुए प्रदेश को देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में स्थापित किया है. निवेश आकर्षित करने से लेकर नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, उद्योगों के लिए आसान प्रक्रियाएं और डिजिटल सेवाओं के विस्तार तक रीको ने कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिनका सीधा लाभ उद्योगों और निवेशकों को मिल रहा है. विभागीय आंकड़ों के अनुसार सरकार की औद्योगिक नीतियों और रीको की सक्रिय कार्यशैली के चलते राजस्थान में निवेश का माहौल पहले की तुलना में काफी मजबूत हुआ है
रीको ने राइजिंग राजस्थान अभियान के तहत करीब 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग कर औद्योगिक विकास को नई गति दी है. वहीं राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) के तहत 8,170 प्रकरणों में 2,026 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है, जिससे उद्योगों को वित्तीय सहयोग मिला है. औद्योगिक आधारभूत ढांचे के विस्तार में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज हुई है. रीको ने 5,160 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण कर 40 नए औद्योगिक क्षेत्रों की शुरुआत की है. इसके साथ ही 3,161 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया गया है तथा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर 3,560 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. औद्योगिक विकास को गति देने के लिए जयपुर में 90 एकड़ भूमि पर राजस्थान मंडपम परियोजना विकसित की जा रही है, जबकि पचपदरा रिफाइनरी के निकट राजस्थान पेट्रो जोन की स्थापना भी औद्योगिक निवेश को नया आयाम देगी.सरकार ने उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर भी विशेष ध्यान दिया है. मुख्यमंत्री युवा उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत 1.05 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 52 हजार प्रकरण बैंकों को भेजे गए और लाभार्थियों को करीब 22 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए. वहीं विश्वकर्मा युवा उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत 7 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें करीब 4,900 प्रकरण बैंक भेजे गए तथा 595 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण स्वीकृत किए गए.
औद्योगिक निवेश को और सरल बनाने के लिए राज्य सरकार ने कई नई नीतियां लागू की हैं. इनमें राजस्थान एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी, राजस्थान लॉजिस्टिक पॉलिसी, डेटा सेंटर पॉलिसी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पॉलिसी, एमएसएमई पॉलिसी, औद्योगिक विकास पॉलिसी, औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन पॉलिसी और डायरेक्ट लैंड अलॉटमेंट पॉलिसी प्रमुख हैं. इसके साथ ही राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2024, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, राजस्थान एकीकृत क्लस्टर विकास योजना तथा CETP आधारित योजनाएं भी लागू की गई हैं.
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में भी राजस्थान ने उल्लेखनीय सुधार किए हैं. राजनिवेश पोर्टल के माध्यम से निवेशकों को ऑनलाइन एमओयू और आवेदन ट्रैकिंग की सुविधा दी गई है. औद्योगिक भूखंडों के वैकल्पिक उपयोग की अनुमति संबंधी नियमों में संशोधन किया गया है. अब केवल 60 प्रतिशत भुगतान पर 33 वर्षों के लिए औद्योगिक भूमि आवंटन की व्यवस्था लागू की गई है. सीतापुरा के बाद अन्य स्थानों पर भी पीपीपी मोड में प्लग एंड प्ले सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. औद्योगिक क्षेत्रों के एक किलोमीटर दायरे में आने वाली भूमि के औद्योगिक परिवर्तन के लिए एनओसी की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है.
सिंगल विंडो प्रणाली को और प्रभावी बनाते हुए सेवाओं की संख्या 88 से बढ़ाकर 190 कर दी गई है. साथ ही विभिन्न अनुमतियों और पंजीकरण प्रक्रियाओं के टर्न अराउंड टाइम में 50 प्रतिशत तक कमी लाई गई है. विभागों के डिजिटल पंजीकरण और डी-रेगुलेशन प्रक्रिया को भी तेज गति से आगे बढ़ाया गया है.
इन सुधारों का असर राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दिया है. BRAP-2024 में केंद्र सरकार के डीपीआईआईटी द्वारा राजस्थान को बिजनेस एंट्री, लेबर रेगुलेशन एनएबलर्स और एनवायरनमेंट रजिस्ट्रेशन एंड सर्विसेज श्रेणियों में टॉप अचीवर का दर्जा मिला. LEADS-2025 रिपोर्ट में राजस्थान को बेस्ट परफॉर्मर पुरस्कार मिला, जबकि एक जिला एक उत्पाद (ODOP) पहल के तहत भी राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया. प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में ऋण स्वीकृति एवं वितरण में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर रहा तथा प्रशिक्षण के क्षेत्र में तीसरा स्थान प्राप्त किया.
आंकड़े यह भी बताते हैं कि वर्तमान सरकार के ढाई वर्षों में औद्योगिक गतिविधियों की रफ्तार पिछली सरकार के शुरुआती ढाई वर्षों की तुलना में कई गुना तेज रही है. RIPS के तहत 2,026 करोड़ रुपये का अनुदान, 40 नए औद्योगिक क्षेत्र, 6,519 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि का आवंटन, 1,768 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि का अधिग्रहण तथा 6,273 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जन इस बात का संकेत है कि रीको ने प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.