जयपुरः राजस्थान कांग्रेस ने आगामी निकाय व पंचायत के चुनावी युद्ध की तैयारी शुरू कर दी है. पीसीसी के चीफ गोविंद सिंह डोटासरा खुद जयपुर स्थित कांग्रेस वॉर रूम में दो दिन से डेरा डाल दिया. सुबह से लेकर शाम तक 200 विधानसभा कॉर्डिनेटर से वन टू वन संवाद किया और पूरे प्रदर्शन के कांग्रेस संगठन के बारे में फीडबैक लिया. कांग्रस के जिलाध्यक्षों का रिपोर्ट कार्ड भी तैयार कर लिया और साथ ही चुनावी रणनीति पर भी विचार किया. अब 17 व 18 अगस्त को जयपुर में होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में इन पूरे फीडबैक को रखा जाएगा और संगठन व चुनाव को लेकर रणनीति बनाई जाएगी.
राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर कांग्रेस अब पूरी तरह चुनावी वॉर मोड में नजर आ रही है. जयपुर के कांग्रेस वॉर रूम से प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने संगठन की जमीनी ताकत और कमजोरियों का फीडबैक जुटाना शुरू कर दिया है. दो दिन तक 200 विधानसभा कॉर्डिनेटर्स से वन-टू-वन संवाद कर जिलाध्यक्षों का रिपोर्ट कार्ड भी तैयार किया गया. यानी निकाय से पंचायत तक सियासी मैदान सजने से पहले कांग्रेस संगठन को धार देने में जुट गई है.
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए कांग्रेस ने बनाए थे कॉर्डिनेटर्स
पिछले डेढ साल से ये कॉर्डिनेटर विधानसभा क्षेत्रों में कर रहे थे काम
अब इन कॉर्डिनेटर्स से पीसीसी चीफ ने किया वन टू वन संवाद
दो दिन तक जयपुर में डेरा डालकर डोटासरा ने लिया फीडबैक
पहली बार 200 कॉर्डिनेटर्स से एक एक करके बंद कमरे में बात की
कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर बिंदुवार फीडबैक लिया डोटासरा ने
विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले निकाय व पंचायत के वार्डों की जानकारी ली
पिछले चुनाव में हार-जीत का ब्यौरा हासिल किया कॉर्डिनेटर्स से
जिलाध्यक्षों, ब्लॉक अध्यक्षों व प्रभावशाली नेताओं की सक्रियता की जानकारी ली
डोटासरा ने पूछा - ये नेता मीटिंग में नियमित आते हैं या नहीं
जिलाध्यक्ष की बाकी पदाधिकारियों से संवाद कैसा है इसकी जानकारी ली
मौजूदा विधायक या विधायक प्रत्याशियों का संगठन के प्रति व्यवहार कैसा है
ऐसे प्रभावशाली लोगों की सूची मांगी, जिनको संगठन से जोड़ सकते हैं
विधानसभा क्षेत्रों में संगठन में आपसी विवाद या गतिरोध की स्थिति जानी
परिसीमन के बाद वार्डों को जीतने की कांग्रेस की संभावना कैसी है
सभी कॉर्डिनेटर्स से संवाद से पहले भराया गया एक विशेष फॉर्म
इस फॉर्म में लिखित में कई जानकारी मांगी गई पीसीसी चीफ द्वारा
कॉर्डिनेटर्स से संवाद के दौरान खुद भी विधानसभावार नोटिंग करते रहे डोटासरा
खास बात यह है कि डोटासरा ने संवाद के दौरान ही इन कॉर्डिनेटर्स से भी पूछ लिया कि वे निकाय व पंचायत चुनाव तक इस भूमिका में आगे काम कर सकते हैं या नहीं. दरअसल कुछ कॉर्डिनेटर्स ऐसे भी होंगे, जो इन चुनावों में भाग्य आजमाना चाहते हो. ऐसे में अगर कॉर्डिनेटर खुद ही चुनाव में व्यस्त हो जाएगा, तो फिर चुनाव लड़ाने में कैसे मदद करेगा. ऐसे में संभावना है कि जो कॉर्डिनेटर चुनाव लड़ना चाहते हैं उनकी जगह किसी अन्य को जिम्मेदारी दे दी जाए. फीडबैक लेने के साथ ही सक्रिय कार्यकर्ताओं और जमीनी स्तर की स्थिति की रिपोर्ट प्राप्त की गई. इसके अतिरिक्त किन मुद्दों पर चुनाव लड़ा जाये इस पर व्यापक रणनीतिक चर्चा हुई. 17 व 18 अगस्त को एआईसीसी प्रभारी सुखजिंदर रंधावा राजस्थान आयेंगे, उनके साथ समस्त वरिष्ठ नेताओं, सांसद/सांसद प्रत्याशी, विधायक/विधायक प्रत्याशी, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी और चुनावों के लिये रणनीति बनाई जायेगी. कांग्रेस की कोशिश है कि आगामी नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में अधिक से अधिक कांग्रेस के बोर्ड बनाये जा सके.