VIDEO: जनपक्ष मोजो फंडिंग प्रोग्राम का हुआ आगाज, डॉ सहदेव चौधरी फाउंडेशन की एक औऱ अनूठी पहल, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: युवा, स्वतंत्र और उभरते मोबाइल पत्रकारों की आवाज बन रहे डॉ सहदेव चौधरी फाउंडेशन ने अब एक नई मुहिम का आगाज किया है.फाउंडेशन की तरफ से जनपक्ष मोजो फंडिंग प्रोग्राम लॉन्च किया गया.वित्त आय़ोग चेयरमैन अरुण चतुर्वेदी,पूर्व स्पीकर सीपी जोशी और फाउंडेशन के संस्थापक वीरेन्द्र चौधरी ने इसकी लॉन्चिंग की.प्रोग्राम के तहत मोजो जर्नलिस्ट को फंडिंग,ऑफिस स्पेस औऱ संसाधन जैसी फैसलिटिज प्रोवाइड की जाएगी. नई पीढ़ी और आज की मोजो पत्रकारिता को एक नया मंच देने की दिशा में डॉक्टर सहदेव चौधरी फाउंडेशन ने अब एक नई और अनूठी पहल शुरु की है.फाउंडेशन की तरफ से राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आज भारत का पहला मोबाइल पत्रकारिता फंडिंग कार्यक्रम का आगाज किया.इस प्रोग्राम के तहत स्वतंत्र और मोजो पत्रकारों को करीब 21 लाख की फंडिंग प्रदान की जाएगी.

वहीं इन पत्रकारों को ऑफिस स्पेस और कई अन्य संसाधन भी मुहैया कराए जाएंगे.राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी,पूर्व स्पीकर सीपी जोशी और फाउंडेशन के संस्थापक डॉ वीरेन्द्र चौधरी ने इस प्रोग्राम को लॉन्च किया.इस मौके पर वीरेन्द्र चौधरी ने कहा कि जनपक्ष की स्थापना औऱ शुरुआत का सपना और विजन मेरे पिताजी ने देखा था.एक साल पहले हमने मोजो जर्नलिस्ट के लिए यह नवाचार शुरु किया था.हमारी इस पहल को जबरदस्त रिस्पॉन्स भी मिल रहा है.उन्होंने कहा कि आज देश के बड़े बड़े पत्रकार मोजो जर्नलिज्म कर रहे हैं.हमने एक फ्लैगशिप प्रोग्राम भी शुरु किया था.मैन स्ट्रीम की तुलना में इस फील्ड में कई चैलेंज है.क्योंकि इनके पास ज्यादा संसाधन नहीं होते और सरकार से भी किसी तरह की मदद नहीं मिलती.इसलिए मेरी गुजारिश है कि सरकार तक उनकी बात पहुंचे औऱ उनकी प्रॉब्लम का समाधान हो.

वहीं इस मौके पर राज्य वित्त आयोग चेयरमैन अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि पत्रकारिता देश और समाज को जागृत करने का माध्यम है, यह सेवा का एक जरिया है और इस फील्ड में जुनून से काम करना पड़ता है.जेन जी औऱ आज के दौर में मोजो पत्रकारिता काफी अहम हो गई है.लेकिन सभी पत्रकारों को खबरों की सत्यता जांचना बेहद जरुरी है.टीवी मीडिया के बाद डिजिटल पत्रकारिता में भी अब बिना क्रॉस चैक औऱ जल्दबाजी में अक्सर गलत खबरें चल जाती है.इसलिए पहले गहन स्टडी और रिसर्च भी बेहद जरुरत है.

वहीं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने भी प्रोग्राम में अपने विचार रखे.जोशी ने कहा कि आज की और पहले की पत्रकारिता में रात दिन का फर्क है.पहले पत्रकारों का सरकार की नीतियों में दखल होता था.उनकी खबरों से सरकार पर प्रेशर बनता था और उनके सुझाव नीतियों में शामिल होते थे.इसलिए मोजो पत्रकारों का यह ख्याल रखना होगा कि वो जो भी करें उसका प्रभाव सरकार और उसकी नीतियों पर होना चाहिए. वहीं राजवीर सिंह ने प्रोग्राम में अपने राजस्थानी भाषा के संबोधन से समां बांध दिया.राजवीर सिंह ने गांधी और पत्रकारिता विषय पर अपना संबोधन दिया.राजवीर सिंह ने कहा कि पत्रकार की निष्ठा केवल पाठक के प्रति होनी चाहिए.आजादी की लड़ाई के दौरान कई ऐसे अखबार निकलते थे जिन्होंने अपनी लेखनी से लोगों को लड़ने के लिए प्रेरित किया था.खुद गांधीजी ने हरिजन अखबार में कई लेख लिखे थे.आज की पीढ़ी को महात्मा गांधी से प्रेरणा लेनी चाहिए. वहीं इस दौरान कई डिजिटल और मोजो पत्रकारों का सम्मान किया गया.अलग अलग कैटेगरी में 12 अवॉर्ड दिए गए.

-जन-ज्योति सम्मान-डॉ. विनीत कुमार
-पहला कदम सम्मान-भूमि
-डिजिटल गाथा सम्मान-विकास राज भाटी
-सत्य प्रहरी सम्मान-मनीष गौड़
-लोकप्रियता शिरोमणि सम्मान-एसआर मीडिया
-उभरता सितारा सम्मान-विनीत चौधरी
-अनकहा नायक सम्मान-मोहित चौधरी
-चित्रकथा सम्मान- बबलू
-निर्भीक नाद सम्मान-अरविंद चोटिया
-गांव-गांव संवाद सम्मान-कमलेश सैनी

कार्यक्रम के आखिर में फर्स्ट इंडिया न्यूज के डायरेक्टर महिपाल सिंह ने सभी गेस्ट का आभार जताया. इस शानदार प्रोग्राम में ना केवल राजस्थान से बल्कि दूसरे स्टेट से भी मोजो जर्नलिस्ट ने हिस्सा लिया.वहीं कईं पत्रकारिता के स्टूडेंट्स भी मौजूद रहे.इस अनूठे और शानदार आयोजन ने यकीनन मोजो पत्रकारिता को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की पहल की है.फाउंडेशन की इस मुहिम की अब सब जमकर तारीफ कर रहे हैं.