जयपुर: राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) की एडहॉक कमेटी की वार्षिक आमसभा (AGM) शुक्रवार को जयपुर स्थित RCA अकादमी में आयोजित हुई. बैठक में तीन जिलों क़ो छोड़कर प्रदेशभर के 30 जिला क्रिकेट संघों के पदाधिकारी शामिल हुए. सवाई माधोपुर और नागौर को बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई थी, जबकि धौलपुर जिले का प्रतिनिधि बैठक में नहीं आया। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए.
आरसीए की मौजूदा एडहॉक कमेटी का कार्यकाल खत्म होने से ठीक पहले संघ की साधारण सभा की बैठक आज जयपुर में आयोजित हुई. बैठक में एडहॉक कमेटी द्वारा लिए गए निर्णयों को जिला क्रिकेट संघो के सामने रखा गया और कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के बाद निर्णय लिए गए.
-नागौर जिला संघ (नांदु ग्रुप) के डिसऐफिलेशन व भरतपुर जिला संघ के निलंबन पर लगाई मोहर
-मानव सुथार को भारतीय टेस्ट टीम का प्रतिनिधित्व करने पर 11 लाख रूपये की इनामी राशि देने का निर्णय
-जिला संघों को वार्षिक अनुदान 5 लाख रुपये से बढाकर 12 लाख रुपये देने का भी निर्णय किया गया
-आरसीए लोकपाल को हटाने व नए लोकपाल की नियुक्ति हेतु एडहॉक कमेटी को किया अधिकृत
-आरसीए के देवस्थान विभाग में पंजीकृत करने के प्रयासों का कड़ा विरोध दर्ज कराया
-आरसीए एडहॉक कमेटी को डीडी कुमावत के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने के लिए अधिकृत किया
-जयपुर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के गतिरोध को दूर करने पर चर्चा हुई
-उदयपुर में स्टेडियम के निर्माण की रुपरेखा तैयार के लिए एडहॉक कमेटी को अधिकृत किया
इस बैठक में भरतपुर जिला क्रिकेट संघ को निलंबित रखने का निर्णय बरकरार रखा गया. एडहॉक कमेटी कन्वीनर ने बताया कि महिला से जुड़े गंभीर आरोपों तथा पोक्सो से संबंधित शिकायत की जांच के लिए समिति गठित की गई है. जांच समिति को 25 दिन का समय दिया गया है. यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पदाधिकारियों पर आजीवन प्रतिबंध लगाने तक की कार्रवाई की जाएगी. वहीं भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव शत्रुघ्न तिवारी ने उनके ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने कहा कि वह पुलिस, SOG या किसी भी एजेंसी से जांच कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
उन्होंने पूरे मामले को षड्यंत्र बताते हुए आरोप लगाया कि एडहॉक कमेटी के संयोजक मोहित यादव अपने चहेतों को भरतपुर जिला क्रिकेट संघ में लाना चाहते हैं, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. चुनाव को लेकर बैठक में कोई फैसला नहीं हुआ. एडहॉक कमेटी के कन्वीनर का तर्क है कि क्रिकेट गतिविधियां प्रभावित न हो, इसलिए चुनाव व गतिविधियों को अलग रखा. उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अभी तक यह फाइनल नहीं है कि कौनसे जिले से कौन मतदाता है. इस तरह के तर्क पूर्व में गठित एडहॉक कमेटी भी देती रही है. जो जिला संघ आज एजीएम में आए हैं, वे ही वोट के भी अधिकारी है.