जयपुर : राजस्थान असेंबली ने 75 सालों का सफर पूरा कर लिया है. राजस्थान विधानसभा गौरव के 75 वर्ष पूरे होने पर अमृत महोत्सव का आयोजन हो रहा है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि आज हम सभी उत्सव मनाने के लिए सदन में एकत्रित हुए हैं.
यह उत्सव आम आदमी के लिए है. जनता के लिए कानून बनाकर सम्बल दिया है. मेरे जैसे दलित व्यक्ति को सौभाग्य मिला, पहला दलित नेता प्रतिपक्ष बनने का. यही लोकतंत्र की स्वच्छ परंपरा है. विधानसभा के सदस्यों में यहीं नहीं लोकसभा और राज्यपाल के तौर पर काम किया.
मेरे मन की पीड़ा है. हमारी दूसरी विधानसभा में मीटिंग्स की संख्या और अब 15वीं विधानसभा में 147 दिन रह गई. तब से लेकर अब तक आधे पर आ गए. आज विधायकों को पूरा बोलने का मौका नहीं मिलता है. खंडश विचार पर आजकल कोई बोलता नहीं है.
धीरे धीरे विधायी कार्यों में विधायकों की भूमिका कमज़ोर हो रही है. लोकतंत्र को मजबूत करना है तो बैठकों की संख्या बढ़ानी होगी. जब हम 100वां वर्ष मनाए तो हमारी विधानसभा नंबर वन रहे हैं.