राजस्थान आवासन मंडल का भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए बड़ा कदम, चार सदस्यीय मॉनिटरिंग कमेटी का हुआ गठन, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः राजस्थान आवासन मंडल ने अपनी भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखने, कब्जे हटाने और संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है. मंडल सचिव गोपाल सिंह ने नगरीय विकास विभाग के निर्देशों की पालना सुनिश्चित कराने के लिए चार सदस्यीय मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया है. यह समिति मंडल की भूमि से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा करेगी और हर माह विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रस्तुत करेगी.

हाउसिंग बोर्ड से जारी आदेश के अनुसार उप सचिव डॉ. अशोक कुमार को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. समिति में अंजु वर्मा और रेणु सैनी को सदस्य बनाया गया है, जबकि भारतभूषण जैन, वरिष्ठ निजी सचिव को समिति का समन्वयक नियुक्त किया गया है.मॉनिटरिंग कमेटी का मुख्य उद्देश्य आवासन मंडल की सभी संपत्तियों का संरक्षण, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की निगरानी तथा भूमि के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करना होगा. आदेश के अनुसार मंडल द्वारा आवंटित सभी भूखंडों का नियमानुसार नामांतरण सुनिश्चित कराया जाएगा, ताकि रिकॉर्ड पूरी तरह अद्यतन और पारदर्शी रह सके.इसके अलावा समिति मंडल की समस्त भूमि का सर्वे कराकर जहां भी अतिक्रमण पाया जाएगा, उसे चिन्हित करेगी और नियमानुसार तत्काल प्रभावी कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाया जाएगा. अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि का कब्जा मंडल के पास सुरक्षित कराया जाएगा तथा संबंधित भूमि पर मंडल के स्वामित्व का बोर्ड या साइन बोर्ड लगाने की भी व्यवस्था की जाएगी, जिससे भविष्य में दोबारा अवैध कब्जे की संभावना कम हो सके.     

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मंडल की सभी भूमि का नियमित निरीक्षण किया जाएगा. यदि किसी भूमि पर पुनः अतिक्रमण पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. साथ ही अतिक्रमण मुक्त कराई गई प्रत्येक भूमि का पूरा विवरण मंडल के पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाएगा तथा भूमि की स्थिति को समय-समय पर अपडेट रखा जाएगा. राजस्थान आवासन मंडल ने राजस्व बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. आदेश के अनुसार विकसित एवं विक्रय योग्य भूमि की योजना तैयार कर नियमानुसार लॉटरी अथवा नीलामी के माध्यम से अधिकतम भूमि का विक्रय कराया जाएगा, ताकि मंडल को अधिकाधिक राजस्व प्राप्त हो सके और भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो. मॉनिटरिंग कमेटी द्वारा इन सभी बिंदुओं की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा उप आवासन आयुक्त और आवासीय अभियंताओं को निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण कर रिपोर्ट समिति के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी. यह आदेश सक्षम स्तर से अनुमोदित बताया गया है.इस निर्णय को राजस्थान आवासन मंडल की भूमि पर अवैध कब्जों पर अंकुश लगाने, संपत्तियों के संरक्षण, रिकॉर्ड की पारदर्शिता बढ़ाने और राजस्व में वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल माना जा रहा है.