सूरत की 22 साल की वान्या ने फिनलैंड में बनाया मुकाम, दुनिया की टॉप म्यूजिक अकादमी में मिला एडमिशन

सूरत की 22 साल की वान्या ने फिनलैंड में बनाया मुकाम, दुनिया की टॉप म्यूजिक अकादमी में मिला एडमिशन

सूरत:  Gen Z की चर्चा अक्सर सोशल मीडिया, डिजिटल कल्चर और टेक्नोलॉजी के संदर्भ में होती है, लेकिन सूरत की 22 साल की वान्या भट्ट ने इस पीढ़ी की एक अलग तस्वीर पेश की है. वान्या का एडमिशन फिनलैंड की प्रतिष्ठित Sibelius Academy के Global Music Master's Programme में हुआ है. यह दुनिया की प्रमुख संगीत शिक्षण संस्थाओं में शामिल है. QS World University Rankings by Subject 2025 के अनुसार Sibelius Academy को Music के क्षेत्र में दुनिया में 9वां और Performing Arts में 14वां स्थान मिला है. University of the Arts Helsinki का हिस्सा यह अकादमी दुनिया भर के प्रतिभाशाली संगीत विद्यार्थियों को आकर्षित करती है. यहां प्रवेश के लिए होने वाली ऑडिशन प्रक्रिया भी बेहद प्रतिस्पर्धी मानी जाती है.

डायमंड-टेक्सटाइल सिटी से म्यूजिक की ग्लोबल दुनिया तक:
सूरत की पहचान दुनिया भर में डायमंड और टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए है. ऐसे शहर से किसी युवा का दुनिया की प्रतिष्ठित म्यूजिक अकादमी में पहुंचना अपने आप में खास उपलब्धि है. वान्या ने बचपन में इंडियन क्लासिकल म्यूजिक सीखा था. लेकिन एक समय उसके सामने भी सवाल था कि संगीत को शौक तक सीमित रखा जाए या इसे करियर बनाया जाए. इसी सवाल का जवाब तलाशते हुए उसने बेंगलुरु के CHRIST (Deemed to be University) से Western Classical Vocal Music में बैचलर डिग्री की.

‘My Fair Lady’ में निभाया लीड रोल:
कॉलेज के दौरान वान्या को मशहूर म्यूजिकल My Fair Lady में मुख्य किरदार Eliza Doolittle निभाने का मौका मिला. मार्च 2025 में हुए इस प्रोडक्शन को दर्शकों से स्टैंडिंग ओवेशन मिला. इस अनुभव ने वान्या के भीतर एक प्रोफेशनल म्यूजिशियन बनने का भरोसा और मजबूत किया. ग्रेजुएशन के बाद उसने फिनलैंड की Sibelius Academy के लिए ऑडिशन दिया और Global Music Master's Programme में जगह बनाई.

भारतीय जड़ों से ग्लोबल म्यूजिक बनाने का सपना:
वान्या अब भारतीय शास्त्रीय संगीत की अपनी नींव को Western Classical Music और दुनिया की अलग-अलग संगीत परंपराओं के साथ जोड़ना चाहती है. उसका लक्ष्य ऐसा ओरिजिनल म्यूजिक तैयार करना है, जिसकी जड़ें भारत में हों लेकिन जिसकी आवाज दुनिया के दर्शकों तक पहुंचे.

‘हजारों छात्रों को विदेश भेजा, लेकिन ऐसा पहली बार देखा’:
दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रमुख स्टूडेंट इमिग्रेशन कंसल्टेंट और हजारों विद्यार्थियों को विदेश में पढ़ाई के लिए मार्गदर्शन दे चुके राजीव सोनी ने वान्या की उपलब्धि को असाधारण बताया.
उन्होंने कहा, “फिनलैंड समेत अलग-अलग देशों में छात्रों को विदेश भेजने के अपने पूरे करियर में मैंने पहली बार किसी गुजराती लड़की को Sibelius Academy में एडमिशन हासिल करते देखा है. यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है.” सोनी के मुताबिक, पिछले एक दशक में गुजरात के विद्यार्थियों के बीच फिनलैंड एक लोकप्रिय हायर एजुकेशन डेस्टिनेशन बना है. इंजीनियरिंग, IT, बिजनेस और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में भारतीय विद्यार्थी बड़ी संख्या में जा रहे हैं. हालांकि, म्यूजिक जैसे स्पेशलाइज्ड क्षेत्र में दुनिया की प्रतिष्ठित अकादमी में प्रवेश अभी भी दुर्लभ है.

Gen Z के लिए बदलती करियर सोच की मिसाल:
वान्या की कहानी सिर्फ विदेश जाकर पढ़ाई करने की कहानी नहीं है. यह उस बदलाव को भी दिखाता है, जिसमें नई पीढ़ी पारंपरिक करियर विकल्पों से आगे बढ़कर अपनी रुचि और प्रतिभा के आधार पर करियर चुन रही है. मेडिकल, इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट के अलावा अब भारतीय युवा म्यूजिक और परफॉर्मिंग आर्ट्स जैसे क्षेत्रों में भी ग्लोबल अवसर तलाश रहे हैं. वान्या जल्द ही हेलसिंकी में अपनी पढ़ाई शुरू करेगी. वहां वह अलग-अलग देशों की संगीत परंपराओं को समझने के साथ भारतीय संगीत की जड़ों से जुड़ा अपना ओरिजिनल म्यूजिक तैयार करने पर काम करेगी.

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