राष्ट्रीय अंगदान दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम, चिकित्सा मंत्री ने लिया अंगदान का संकल्प... प्रदेशवासियों से अंगदान की अपील, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः SMS मेडिकल कॉलेज के सभागार में राष्ट्रीय अंगदान दिवस के उपलक्ष्य में राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने खुद अंगदान का संकल्प लिया. साथ ही पीएम नरेन्द्र मोदी के अंगदान जागरूकता संदेश को आगे बढ़ाने का प्रदेशवासियों से आह्वान किया. खींवसर ने कहा कि हम सबका दायित्व है कि अंगदान के प्रति जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाए.

एसएमएस मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सा मंत्री ने कहा कि आज देश में आधार सत्यापित अंगदान प्रतिज्ञाओं का आंकड़ा 5 लाख से अधिक हो चुका है. जिसमें राजस्थानवासियों का योगदान 1.41 लाख से अधिक है. आज अंग प्रत्यारोपण की कुल संख्या में भारत, अमेरिका और चीन के बाद विश्व में तीसरे स्थान पर है. चिकित्सा मंत्री ने कहा कि यह उन दिवंगत अंगदाताओं के प्रति गहरी कृतज्ञता का परिणाम है कि जिनके निस्वार्थ निर्णयों ने राष्ट्र को प्रेरित किया है और भारत के अंगदान आन्दोलन को मजबूत बनाया है. अंगदान के प्रति समाज में फैली भ्रांन्तियों को दूर करने की आवश्यकता है. अंगदान करने वाले दाताओं और उनके परिजनों का सम्मान परे समाज को करना चाहिए. उन्होंने नई दिल्ली में 3 अगस्त को अंगदान संकल्प के मामले में राजस्थान को प्रथम स्थान पर सम्मानित करने पर पूरी टीम को बधाई दी.

करूणा और सेवा का सच्चा उदाहरण है अंगदान
एसएमएस में आयोजित कार्यक्रम में बोले चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर
उन्होंने कहा कि अंगदान जीवनदान है और यह करूणा और सेवा का सच्चा उदाहरण है
क्योंकि अंगदान का निर्णय अनेक परिवारों को नया जीवन और नई आशा देता हैं
एक व्यक्ति अंगदान का फैसला करके 8-9 लोगों को नया जीवन दे सकता है
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात के 131वें एपिसोड का किया जिक्र
खींवसर ने कहा कि पीएम ने भी अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है
हम सबका दायित्व है कि अंगदान के प्रति जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाए

हर मेडिकल कॉलेज में अंगदान के लिए अलग से यूनिट का गठन
SMSमें आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने दी जानकारी
उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर मेडिकल कॉलेज में अंगदान को बढ़ावा देने के हो रहे प्रयास
इसके लिए सभी मेडिकल कॉलेजों में अलग से अंगदान यूनिट का किया गया है गठन
साथ ही, 181 हेल्पलाइन पर अंगदान के संबंध में जानकारी ली जा सकती है
कोई भी व्यक्ति चिकित्सा विभाग के पोर्टल पर जाकर अंगदान की शपथ ले सकता है
नोटो के पोर्टल पर भी अंगदान की शपथ ऑनलाइन ली जा सकती है
हमारा प्रयास है कि अंगदान के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों का बचाया जा सके
इसलिए ही अभियान को मा योजना से जोड़कर निशुल्क किए जा रहे अंग प्रत्यारोपण
उन्होंने कहा कि आज हमारे बीच वो ट्रांसप्लांट एथलीट्स भी मौजूद हैं,
जिन्होंने न सिर्फ नई जिंदगी पाई,बल्कि खेल में मेडल जीतकर राजस्थान का नाम रोशन किया
खींवसर ने सभी एथलीट़्स को कहा कि आपके ये मेडल सिर्फ खेल की जीत नहीं हैं,
ये चिकित्सा विज्ञान की सफलता और एक अंगदाता के जीवित संकल्प के प्रतीक हैं

किसी को नई जिंदगी देने से बड़ा कोई दान नहीं
SMSमें आयोजित कार्यक्रम में बोली पीएचएस गायत्री राठौड
उन्होंने कहा कि अंगदान आसान नहीं है, यह बड़ा निर्णय होता है
यह जीवन बचाता है, नई जिंदगी देने से बड़ा कोई दान नहीं है.
इस दौरान उन्होंने केन्द्र सरकार के ‘जुग-जुग जियो अभियान’का किया जिक्र
राठौड ने कहा कि इस अभियान का संदेश अत्यंत प्रेरणादायक है
अंगदाता का जीवन उसके दान किए गए अंगों एवं ऊतकों के माध्यम से सदैव जीवित रहता है
राजस्थान सरकार इस राष्ट्रीय अभियान को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है
उन्होंने राष्ट्रीय डिजिटल ऑर्गन डोनेशन प्रतिज्ञा अभियान को लेकर दी जानकारी
उन्होंने बताया कि राजस्थान ने पूरे देश में सर्वाधिक डिजिटल अंगदान प्रतिज्ञाएं दर्ज कर कीर्तिमान रचा
केवल एक ही दिन में 9,336 डिजिटल शपथ तथा कुल 69 हजार से अधिक डिजिटल शपथ हुई
जो इस बात का प्रमाण हैं कि राजस्थान का समाज जीवन बचाने के इस अभियान के प्रति संवेदनशील है

85 ब्रेडडेड मरीजों ने दी कईयों को नई जिन्दगी
SMSमें आयोजित कार्यक्रम में पीएचएस गायत्री राठौड ने बताए डेटा
उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में मृतक अंगदान कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया था
इसके बाद से अब अब तक राजस्थान में 85 मृतक अंगदाताओं के ऑर्गन किए गए डोनेज
इस जीवनदायनी मुहिम के माध्यम से 296 अंग एवं ऊतकों का सफल प्रत्यारोपण हो सका
उन्होंने बताया कि  प्रत्येक प्रत्यारोपण केवल एक चिकित्सकीय उपलब्धि नहीं,
बल्कि किसी परिवार के लिए आशा, विश्वास और नए जीवन का संदेश है
प्रदेश में वर्तमान में 17 अंग प्रत्यारोपण केन्द्र एवं 4 नॉन-ट्रांसप्लांट ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर्स है
आने वाले वर्षों में राज्य के शेष राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों तथा
प्रमुख ट्रॉमा केन्द्रों में चरणबद्ध रूप से नॉन-ट्रांसप्लांट ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर्स स्थापित किए जाएंगे

कार्यक्रम में देशव्यापी संकल्प अभियान में राजस्थान में टॉप रहे तीन जिलों को सम्मानित किया गया. इस दौरान चिकित्सा शिक्षा बाबूलाल गोयल, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी, सोटो की संयुक्त निदेशक डॉ. चित्रा सिंह ने भी सम्बोधित किया. जबकि अन्त में चिकित्सा शिक्षा विभाग की निदेशक डॉ. रश्मि गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया.

अंगदान संकल्प में टॉप रहे तीन कलक्टर सम्मानित
राष्ट्रीय अंगदान दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम
SMS में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने किया सम्मान
राजस्थान में प्रथम स्थान पर जिला कलेक्टर भीलवाड़ा जसमीत सिंह,
दूसरे स्थान पर जिला कलेक्टर झुंझुनूं अरूण गर्ग को तथा
तीसरे स्थान पर जयपुर जिला प्रशासन को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में अंगदान करने वाले 12 परिवारों, 10 ट्रांसप्लांट एथलीट्स,
बीएसडी कमेटी में एसएमएस हॉस्पिटल जयपुर, बेस्ट कैडेवरी ट्रांसप्लांट एम्स जोधपुर,
बेस्ट एनटीओआरसी में जवाहर नेहरू मेडिकल कॉलेज अजमेर,
सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसियेशन डॉ मनीषा मलिक,
बेस्ट ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर रामरतन खंगवाल, बेस्ट एनजीओ में एमएफजेसीएफ,
बेस्ट इमरजिंग एनजीओ में द अर्थ को किया गया सम्मानित