जयपुर : यमुना जल समझौते से रिफाइनरी तक सीएम भजनलाल शर्मा के 6 बड़े फैसले लिए जिन्होंने हमेशा के लिए राजस्थान की सियासत और विकास की तस्वीर बदल दी. भजनलाल सरकार अपने ढाई साल के कार्यकाल में कई ऐसे फैसले किए जिन्होंने राजस्थान की सियासत को हमेशा के लिए बदल दिया. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ऐसी सियासी लकीर खींची जो हमेशा याद रखी जाएगी.
इन फैसलों के जरिए न केवल वर्षों पुराने विवादों का समाधान हुआ बल्कि राजस्थान में नई जल क्रांति और नई औद्योगिक क्रांति की नींव भी पड़ी. इन निर्णयों से लोगों के जीवन में बड़े बदलाव की शुरुआत हुई है. भजनलाल शर्मा के ये फैसले राजस्थान के इतिहास में हमेशा याद रखे जाएंगे. इस फैसलों का असर प्रदेश की राजनीति और विकास दोनों पर देखने को मिल रहा है.
32 साल पुराने यमुना जल समझौते को लागू कराने से लेकर राम जल सेतु लिंक परियोजना, एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी, पेपर लीक माफिया पर कार्रवाई, रिकॉर्ड निवेश और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने जैसे निर्णय को राजस्थान के भविष्य की नींव रखी. 32 साल पुराना यमुना जल समझौता लागू हुआ. राजस्थान को 577 एमसीएम पानी मिलेगा.
32 साल पुराने यमुना जल समझौते को लागू करने के लिए ऐतिहासिक एमओए पर हस्ताक्षर किए. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में दोनों राज्यों के बीच समझौता हुआ. राम जल सेतु परियोजना से 17 जिलों के 3 करोड़ लोगों तक पानी पहुंचेगा. पूर्वी राजस्थान की महत्वाकांक्षी ERCP परियोजना को नया स्वरूप है.
सरकार ने इसे राम जल सेतु लिंक परियोजना के रूप में आगे बढ़ाया. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस परियोजना को प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण जल योजनाओं में शामिल किया. करीब 91,700 करोड़ रुपए की लागत वाली परियोजना है. 17 जिलों के करीब 3 करोड़ लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है. लगभग 4 लाख 84 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ मिलने की उम्मीद है.
पचपदरा रिफाइनरी से पश्चिमी राजस्थान पेट्रोकेमिकल हब बनेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान रिफाइनरी पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया. करीब 79,459 करोड़ रुपए की लागत वाली परियोजना है. प्रदेश के औद्योगिक विकास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल किया जा रहा है.
रिफाइनरी शुरू होने से पश्चिमी राजस्थान पेट्रोकेमिकल उद्योग का बड़ा केंद्र बनेगा. इससे पेट्रोकेमिकल, प्लास्टिक, कपड़ा और रासायनिक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और राज्य के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी.