जोधपुर : भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया जोधपुर दौरे पर है. सतीश पूनियां ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली जाओ, कुर्सी बचाओ की राजनीति कांग्रेस में होती है. भाजपा में कार्यकर्ता के दम पर सम्मान मिलता है. कांग्रेस में कुर्सी बचाने की चिंता रहती है. राजनीतिक बयानबाजी के बीच सतीश पूनिया ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस में नेताओं की प्राथमिकता जनता नहीं, अपनी कुर्सी बचाना बन गई. भाजपा नेता सतीश पूनिया का दावा- कांग्रेस में दिल्ली दौरे का मकसद केवल कुर्सी बचाना है. कांग्रेस की कार्यशैली पर कटाक्ष करते पूनियां ने कहा कि वहां नेतृत्व बचाने की रहती है होड़ मची. भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है, यहां मेहनत का सम्मान होता है.
डॉ. सतीश पूनिया ने राजनीतिक मंच से कांग्रेस पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस में संगठन से ज्यादा सत्ता की राजनीति हावी दिखाई देती है. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां जनता से ज्यादा कुर्सी की चिंता रहती है. भाजपा में कार्यकर्ता ही सबसे बड़ी ताकत और पहचान है. पार्टी में मेहनत करने वालों को हमेशा सम्मान मिलता है.
मंच से मजाकिया अंदाज में पूनिया ने कहा कि जो ऊंट रखेगा, उसे टिकट मिलेगा. पूनिया की चुटकी पर कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जमकर ठहाके लगाए.
राजस्थान की राजनीति में सतीश पूनियां के बयान ने नई चर्चा को जन्म दिया. कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पूनिया ने कांग्रेस संगठन और नेतृत्व पर सवाल उठाए. भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए पूनियां ने संगठन की ताकत गिनाई. भाजपा में कार्यकर्ता की मेहनत कभी बेकार नहीं जाती है. कांग्रेस की राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि वहां दिल्ली दरबार संस्कृति की है.
सतीश पूनियां ने कहा कि भाजपा में परिवारवाद नहीं, कार्यकर्ता ही पार्टी की असली पहचान है. कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूनिया ने हास्य के साथ राजनीतिक संदेश भी दिया. जो ऊंट रखेगा उसे टिकट मिलेगा वाले बयान पर कार्यक्रम में ठहाके गूंजे. सतीश पूनिया ने कहा कि मजाक अपनी जगह है, लेकिन कार्यकर्ता पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी है. जनता के बीच रहने वाला कार्यकर्ता ही पार्टी को मजबूत बनाता है. भाजपा संगठन की कार्यशैली का जिक्र करते हुए पूनियां ने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ता है. पूनिया का दावा किया कि भाजपा में अवसर मेहनत और समर्पण के आधार पर मिलते. सतीश पूनिया के बयान से राजस्थान की सियासत में बयानबाजी तेज होने के आसार है.