जयपुरः मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रदेश में पेयजल उपलब्ध कराने के सतत प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है. मुख्यमंत्री की प्रभावी पैरवी एवं निरंतर समन्वय का ही परिणाम है कि भारत सरकार ने जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजस्थान को 537 करोड़ रुपए से अधिक की केंद्रीय सहायता स्वीकृत कर दी है . यह राशि जल जीवन मिशन के प्रथम चरण की समाप्ति एवं जल जीवन मिशन 2.0 के प्रारंभ के मध्य की अंतरिम अवधि में राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनों से किए गए अतिरिक्त व्यय की केंद्रीय हिस्सेदारी की प्रतिपूर्ति के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी. इससे प्रदेश में ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं के क्रियान्वयन को नई गति मिलेगी तथा 'हर घर जल' के लक्ष्य को समयबद्ध रूप से पूरा करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा.
राजस्थान को जल जीवन मिशन 2.0 के तहत बड़ी सौगात मिली है. केंद्र सरकार ने राज्य के लिए 537 करोड़ 70 लाख रुपये की केंद्रीय सहायता मंजूर की है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया है. केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत यह सहायता प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों तक सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. इस वित्तीय सहयोग से जलापूर्ति योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक गति से होगा तथा ग्रामीण पेयजल अवसंरचना को मजबूती मिलेगी.
हर घर जल अभियान
डबल इंजन सरकार का असर
केंद्र ने राजस्थान के लिए स्वीकृत किए 537 करोड़ 70 लाख रुपये
सामान्य, अनुसूचित जाति एवं जनजाति क्षेत्रों के लिए पृथक प्रावधान किए
सामान्य क्षेत्र के लिए 307.45 करोड़ रूपए स्वीकृत
अनुसूचित जाति घटक के लिए 177.73 करोड़ रूपए दिए
अनुसूचित जनजाति घटक के लिए 52.52 करोड़ रूपए का प्रावधान किया
1 अप्रैल 2026 के बाद राज्य में जल जीवन मिशन में प्रभावी क्रियान्वयन हुआ
प्रदेश में भौतिक रूप से पूर्ण है 3,241 योजनाए
इनमें से 2,520 योजनाओं का अंतिम रूप से शीघ्र ही चरणबद्ध तरीके से 'जल अर्पण' किया जाएगा
लगभग 713 करोड़ रूपए मूल्य के ऐसे वाउचर्स की पहचान की है
जो पूर्व में संबंधित पोर्टलों पर प्रदर्शित नहीं हो रहे थे
इनको राष्ट्रीय जल जीवन मिशन को प्रविष्टि हेतु भेजा गया है
‘हर घर जल‘ लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ता राजस्थान प्रदेश में अब तक 2,212 से अधिक गांवों को ‘हर घर जल‘ प्रमाणित किया जा चुका है. उल्लेखनीय है कि पिछले मात्र दो माह में ही लगभग 705 नए प्रमाण-पत्र प्राप्त हुए हैं, जो मिशन की तीव्र प्रगति को दर्शाते हैं. इसके अतिरिक्त 93 प्रतिशत योजनाओं के लिए सुजलम भारत आईडी तैयार की जा चुकी है तथा शेष योजनाओं के लिए राष्ट्रीय जल जीवन मिशन को अनुरोध भेजा गया है. शहरी क्षेत्रों को छोड़कर सभी ग्राम पंचायतों एवं गांवों में 100 प्रतिशत जल सेवा आंकलन का कार्य पूर्ण हो चुका है. वहीं प्रदेश के 40 में से 35 जिलों की जिला सुधार योजनाएं तैयार कर ली गई हैं तथा शेष योजनाएं 31 जुलाई, 2026 तक तैयार कर ली जाएंगी. जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत सभी परिसंपत्तियों की सुजलम भारत प्लेटफॉर्म पर जियो-टैगिंग सुनिश्चित की जाएगी.
काबिले गौर है कि भारत सरकार ने जल जीवन मिशन की अवधि दिसंबर 2028 तक बढ़ा दी है. केंद्र एवं राज्य सरकार की 50ः50 भागीदारी से संचालित यह महत्वाकांक्षी योजना प्रदेश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नल के माध्यम से सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रही है. केंद्र सरकार से प्राप्त 537 करोड़ रूपए की यह सहायता जल जीवन मिशन 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन को नई गति प्रदान करेगी. इससे ग्रामीण पेयजल अवसंरचना और अधिक सुदृढ़ होगी, लंबित एवं प्रगतिरत जलापूर्ति परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा तथा प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों तक सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के संकल्प को नई मजबूती मिलेगी. सरकार का कहना है कि डिजिटल मॉनिटरिंग और जियो-टैगिंग के जरिए योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी.