जयपुर: राजस्थान कांग्रेस ने नीचले स्तर पर भले ही संगठन निर्माण को लेकर बेहतरीन काम किया हो, लेकिन अब भी पार्टी में कईं जगह पद खाली पड़े है.पिछले 6 साल से भंग पड़े एक दर्जन और प्रकोष्ठों का गठन अब तक नहीं हो पाया है.जबकि इसमें किसानों, पूर्व सैनिकों और पेंशनर्स से जुड़े अहम विभाग औऱ प्रकोष्ठ भी शामिल है.राजस्थान कांग्रेस ने भले ही निचले स्तर पर 16 लाख पदाधिकारियों की फौज तैनात कर दी हो.लेकिन अब भी संगठन में कईं जगह नेतृत्व नियुक्ति नहीं कर पा रहा है.ताज्जुब की बात है कि गहलोत सरकार में सियासी संग्राम के दौरान जो प्रकोष्ठ औऱ विभाग भंग किए गए थे उनमें से अब तक 12 विभाग औऱ प्रकोष्ठ गठित नहीं हो पाए हैं.हालांकि कईं दावेदार नियुक्ति के लिए लॉबिंग भी कर रहे है पर उसके बावजूद इनका गठन नहीं हो पा रहा है.
आखिर कब होगा कांग्रेस में भंग प्रकोष्ठ और विभागों का गठन:
-12 विभागों और प्रकोष्ठों का अब तक नहीं हुआ गठन
-पिछले छह साल से ये विभाग और प्रकोष्ठ पड़े है खाली
-7 विभाग और 5 प्रकोष्ठ कर रहे है गठन का इंतजार
-किसान एवं खेत मजदूर,विचार विभाग,पूर्व सैनिक विभाग
-प्रोफेशनल कांग्रेस,असंगठित कामगार,डाटा एनालिटिक्स
-रिसर्च,पेंशनर्स एवं सहायता, विशेष पिछड़ा वर्ग,प्रवासी राजस्थानी
-निशक्तजन और खादी प्रकोष्ठ और विभागों का नहीं हुआ अब तक गठन
-गहलोत सरकार में सियासी संग्राम के दौरान भंग हुए थे ये विभाग औऱ प्रकोष्ठ
हालांकि दूसरा पहलू यह भी है कि 21 विभागों और प्रकोष्ठों का जरूर अब तक गठन हो चुका है.जिसमें से कईं विभाग औऱ प्रकोष्ठ तो काफी एक्टिव भी है.विभागों के गठन में देरी की बात समझ में जरूर आती है क्योंकि इनका गठन दिल्ली से होता है.लेकिन प्रदेश नेतृत्व ने इन विभागों के गठन में रुचि दिखाते हुए नामों की सूची तक दिल्ली नहीं भेजी.वहीं बाकी रह गए 5 प्रकोष्ठों का गठन करना तो पीसीसी के हाथों में है और उसके लिए तो दिल्ली से भी मंजूरी की जरूरत नहीं है.
खास बात है कि किसान,रिटायर्ड सैनिक,प्रवासी राजस्थानी और पेंशनर्स से जुड़े विभाग औऱ प्रकोष्ठ खाली पड़े है.जाहिर सी बात है कि अगर नियुक्ति होती तो यह तबका कांग्रेस से और ज्यादा जुड़ता.अब इन खाली पड़े प्रकोष्ठों औऱ विभागों का गठन कब होगा,इसका किसी के पास भी कोई जवाब नहीं है.हालांकि पार्टी नेतृत्व का कहना है कि निकाय औऱ पंचायत चुनाव से पहले इनका गठन हो जाएगा.