खरीफ की बुवाई में पिछली जुलाई से पीछे चल रहा प्रदेश का किसान, मानसून की बेरुखी के चलते बुवाई का आंकड़ा 10 प्रतिशत तक कम

खरीफ की बुवाई में पिछली जुलाई से पीछे चल रहा प्रदेश का किसान, मानसून की बेरुखी के चलते बुवाई का आंकड़ा 10 प्रतिशत तक कम

जयपुर: खरीफ की बुवाई में पिछली जुलाई से प्रदेश का किसान पीछे चल रहा है. मानसून की बेरुखी के चलते बुवाई का आंकड़ा 10 प्रतिशत तक कम हुआ. पिछली जुलाई पहले पखवाड़े तक खरीफ की 75 प्रतिशत बुवाई हुई थी. 

इस जुलाई पहले पखवाड़े तक यह आंकड़ा 65 प्रतिशत को ही छू सका. अनाज, दलहन और तिलहन में पिछले साल से कम बुवाई हुई. अनाज की बुवाई लक्ष्य के मुकाबले 73 प्रतिशत हुई. दलहन की बुवाई लक्ष्य के मुकाबले 80 प्रतिशत हुई. 

तिलहन की बुवाई लक्ष्य के मुकाबले 68 प्रतिशत हुई. बाजरे की बुवाई लक्ष्य के मुकाबले 70 प्रतिशत हुई. ज्वार की बुवाई लक्ष्य के मुकाबले 76 प्रतिशत हुई. मूंग की 67, मोठ की 46, उड़द 67 व चौले की बुवाई 82 प्रतिशत हुई. कुल बुवाई लक्ष्य एक करोड़ 65 लाख 40 हजार हेक्टेयर है.

खरीफ की बुवाई में पिछली जुलाई से पीछे चल रहा प्रदेश का किसान: 
-मानसून की बेरुखी के चलते बुवाई का आंकड़ा 10 प्रतिशत तक कम
-पिछली जुलाई पहले पखवाड़े तक हुई थी खरीफ की 75 प्रतिशत बुवाई
-इस जुलाई पहले पखवाड़े तक यह आंकड़ा 65 प्रतिशत को ही छू सका
-अनाज, दलहन और तिलहन में पिछले साल से कम हुई बुवाई
-अनाज की बुवाई लक्ष्य के मुकाबले 73 प्रतिशत हुई
-दलहन की बुवाई लक्ष्य के मुकाबले 80 प्रतिशत हुई
-तिलहन की बुवाई लक्ष्य के मुकाबले 68 प्रतिशत हुई
-बाजरे की बुवाई लक्ष्य के मुकाबले 70 प्रतिशत हुई
-ज्वार की बुवाई लक्ष्य के मुकाबले 76 प्रतिशत हुई
-मूंग की 67, मोठ की 46, उड़द 67 व चौले की बुवाई 82 प्रतिशत
-कुल बुवाई लक्ष्य एक करोड़ 65 लाख 40 हजार हेक्टेयर