जयपुर: तमाम मंथन और बैठकों के बाद आखिरकार कांग्रेस ने निकाय चुनाव टिकट वितरण का फार्मूला अब फाइनल तय कर दिया है.इस बार टिकटों का वितरण संगठन यानि जिला अध्यक्षों के जरिए होगा.ऑनलाइन आवेदनों को पहले जिला कांग्रेस कमेटियों के पास भेजा जाएगा.फिर जिला और विधानसभा लेवल पर बनी पॉलिटिकल अफेयर कमेटियां प्रत्याशियों का चयन करेगी.28 अगस्त के बाद कांग्रेस टिकटों का वितरण शुरु कर देगी. निकाय चुनाव का रण फतेह करने के लिए राजस्थान कांग्रेस ने इस बार राहुल गांधी के निर्देश पर जिला अध्यक्षों के जरिए टिकट वितरण का फैसला लिया है.
राहुल गांधी की जिला कप्तानों को सियासी ताकत देने की दिशा में यह कदम उठाया गया है.इसके साथ ही कांग्रेस ने अपना टिकट वितरण का फार्मूला भी सार्वजनिक कर दिया है.टिकट के लिए जो ऑनलाइन आवेदन आएंगे उन्हें पहले जिला कांग्रेस कमेटियों के पास भेजा जाएगा.फिर जिला और विधानसभा स्तर पर गठित पॉलिटिकल अफेयर कमेटियां प्रत्याशियों की चयन प्रक्रिया को अंजाम देगी.कमेटी और जिला अध्यक्ष को इसके लिए विधायक और विधानसभा चुनाव लड़े प्रत्याशियों सहित अन्य दिग्गजों के साथ चर्चा करते हुए एक नाम फाइनल करना होगा.
सांगानेर विधानसभा में हुई आज एक अहम बैठक में सभी नेताओं को इस फार्मूले के बारे में बताया गया.बैठक में कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि पार्टी एकजुट है और टिकटों को लेकर किसी तरह की कोई खींचतान नहीं होगी.प्रभारी रंधावा ने कहा कि टिकटों का चयन सबकी सहमति से मेरिट पर होगा.रंधावा ने कहा कि हमें अभी तक करीब साढे 13 हजार आवेदन टिकटों के लिए मिल चुके हैं.कांग्रेस पार्टी का दावा है कि करीब 2 लाख आवेदन निकाय चुनाव में टिकटों के लिए आ सकते हैं.
टिकट वितरण के साथ बैठक में चुनावी मुद्दे और अन्य मसलों पर भी मंथन हुआ.कांग्रेस ने कहा कि भ्रष्टाचार हमारा सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा होगा.क्योंकि सफाई के टेंडर में बड़ी गड़बड़ियां की गई.वहीं शिक्षा,कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दे भी चुनाव में लेकर जनता के बीच जाएंगे.अब देखते हैं कि कांग्रेस इस सेमीफाइनल मुकाबले में इतने जतन के बाद क्या रिजल्ट हासिल करती है.