जोधपुर जिले की 17 पंचायत समितियों में सरपंच-पंच के चुनाव कल, 441 ग्राम पंचायतों में होगा दूसरे चरण का मतदान

जोधपुर: जोधपुर जिले की 17 पंचायत समितियों में सरपंच-पंच के चुनाव कल होंगे. जिले की 441 ग्राम पंचायतों में दूसरे चरण का मतदान होगा. आज सुबह सरपंच पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई. नामांकन के बाद स्क्रूटनी और नाम वापसी की प्रक्रिया होगी. आज दोपहर 3 बजे बाद प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी होगी. प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे. कल सुबह 7 बजे से मतदान शुरू होगा. शाम 6 बजे तक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. मतदान समाप्त होते ही मतगणना शुरू होगी. 
मतगणना के साथ ही सरपंच-पंच चुनाव के परिणाम आने लगेंगे. गांवों में सरपंच और वार्ड पंच पदों को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हुई. गांव की सरकार चुनने के लिए मतदाताओं में उत्साह है. 

आपको बता दें कि राजस्थान में पंचायती राज चुनाव को लेकर जोधपुर जिले के गांवों में चुनावी माहौल गरमाने लगा है. सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए नामांकन दाखिल करने का दौर जारी है. गांव की सरकार चुनने को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले गांवों में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. नामांकन केंद्रों पर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की भीड़ उमड़ रही है, वहीं गांवों में चुनावी चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है. 

सरपंच पद के दावेदार अपने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल कर चुनावी मैदान में उतर रहे हैं. प्रत्याशी जनसंपर्क के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने और अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं. गांव की चौपालों से लेकर गलियों और सार्वजनिक स्थानों तक चुनावी चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं. ग्रामीण अपने-अपने पसंदीदा प्रत्याशियों के समर्थन में लामबंद होते नजर आ रहे हैं. चुनाव में गांव के विकास, बुनियादी सुविधाओं, स्थानीय समस्याओं और नेतृत्व जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो रही है.

प्रत्याशी मतदाताओं को विकास कार्यों और बेहतर सुविधाओं का भरोसा दिलाकर समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे हैं. अब सभी की निगाहें ग्रामीण मतदाताओं के फैसले पर टिकी हैं. पंचायत चुनाव के तहत कल मतदान होना है. ऐसे में चुनावी गतिविधियां और तेज हो गई हैं. प्रत्याशी और उनके समर्थक मतदाताओं से संपर्क साधने में जुटे हैं. लोकतंत्र के इस स्थानीय पर्व में ग्रामीणों की भागीदारी और मतदाताओं का रुख चुनावी परिणामों की दिशा तय करेगा. अब देखना होगा कि गांव की सरकार की कमान किसके हाथों में आती है.