जयपुर (सत्यनारायण शर्मा): राजस्थान में निकाय चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही नकली नोटों की तस्करी करने वाले गिरोह भी एक्टिव हो गए हैं. जयपुर पुलिस के स्पेशल कमिश्नर ओमप्रकाश की टीम ने बजाज नगर इलाके में जाली नोट सप्लाई करने वाली गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है. चार में से तीन तस्कर रोहतक हरियाणा के रहने वाले हैं जबकि एक फतेहपुर सीकर का रहने वाला है. पुलिस ने इस गिरोह के मुख्य सरगना को भी चिन्हित कर लिया है. सरगना अमन राणा भी रोहतक हरियाणा का रहने वाला है.
स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश का कहना है कि कमिश्नरेट स्पेशल टीम को मुखबिर के जरिए नकली नोटों की खेप सप्लाई होने की सूचना मिली थी. सूचना पर पुलिस टीम तुरंत हरकत में आई और बजाज नगर थाना पुलिस के सहयोग से इलाके में स्पेशल नाकाबंदी की गई. नाकाबंदी में दो लग्जरी वाहनों को रोककर तलाशी ली गई तो नकली नोटों की बड़ी खेप बरामद हुई.
पुलिस टीम ने अंशुल, प्रियांशु, आकाश और साहिल चौधरी को गिरफ्तार किया. अंशुल, प्रियांशु और आकाश रोहतक हरियाणा के रहने वाले हैं जबकि साहिल चौधरी फतेहपुर सीकर का रहने वाला है. इन चारों आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद पुलिस ने रोहतक निवासी अमन राणा को भी इस केस में नामजद किया. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 लाख 30 हजार 500 रुपए के जाली नोट जब्त किए हैं. इनमें 500-500 रुपए के कुल 861 नकली नोट शामिल हैं. साथ ही एक स्कॉर्पियो और एक फॉर्च्यूनर कार भी जब्त की गई है.
आरोपियों से पूछताछ में यह पता चला है कि यह गिरोह बांग्लादेश की राजधानी ढाका में छापे जाने वाले नकली नोटों को अवैध रूप से सीमा पार करते हुए कोलकाता पहुंचाते थे. बाद में कोलकाता से देश के अलग अलग राज्यों में जाली नोट सप्लाई किए जाते थे. एक लाख रुपए के असली नोटों के बदले पांच लाख रुपए के नकली नोट दिए जाते थे.पुलिस अब गिरोह के मुख्य आरोपी अमन राणा और उसके अन्य साथियों की तलाश कर रही है. आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नकली नोटों की अन्य खेप और नेटवर्क से जुड़े लोगों का पता लगाया जा रहा है. इसके लिए पुलिस टीमें रोहतक भेजी जा रही हैं, वहीं कोलकाता पुलिस से भी संपर्क कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस अधिकारियों की माने तो पकड़ी गई खेप को शुरुआती तौर पर टेस्ट के लिए भेजा गया था. आगामी चुनावों को देखते हुए पुलिस को आशंका है कि गिरोह जयपुर में बड़ी मात्रा में नकली करेंसी खपाने की तैयारी कर रहा था. समय रहते कार्रवाई होने से पुलिस ने गिरोह की इस योजना को नाकाम कर दिया. स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश ने बताया की आरोपी इस काली कमाई से कलकत्ता के होटल्स में अय्याशी करते है.पुलिस मामले में बजाज नगर थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच में जुट गई है. पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नकली नोटों के पूरे नेटवर्क और इसके पीछे जुड़े मुख्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है.