जयपुर: तीसरे चरण के पंचायत चुनाव की टिकटों के वितरण के साथ ही कांग्रेस में नाराजगी के सुर सामने आने लगे है.दरअसल अधिकतर टिकट विधायक औऱ विधानसभा चुनाव प्रत्याशियों की सिफारिश पर बांटी जा रही है.ऐसे में कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं मिलने से खफा होकर कांग्रेस नेता सीताराम लांबा ने दर्द जाहिर किया है.नाराज लांबा ने संगठन औऱ कार्यकर्ताओं के ताले लगाने का सुझाव दे डाला.
निकाय चुनाव की तरह पंचायत चुनाव में भी कांग्रेस विधायकों औऱ विधानसभा चुनाव लड़े नेताओं की सिफारिश पर टिकट बांट रही है.हालांकि पार्टी ने ऑनलाइन आवेदन लेते हुए मेरिट के आधार पर टिकट बांटने का दावा किया था.लेकिन आखिर में फिर हमेशा की तरह संबंधित विधानसभा सभा क्षेत्र में विधायकों का ही टिकट वितरण में दबदबा कायम है.पीसीसी की तरफ से बाकायदा प्रभारियों औऱ सह प्रभारियों को विधायकों और विधानसभा चुनाव प्रत्याशियों को टिकटों के लिफाफे देने के निर्देश है.ऐसे में टिकट के दावेदार कईं कार्यकर्ता इस फार्मूले के चलते निराश नजर आ रहे है.
पंचायत चुनाव का रण:
-तीसरे चरण के चुनाव की टिकट बंटते ही नाराजगी आई सामने
-कांग्रेस नेता सीताराम लांबा ने जताई खुलकर नाराजगी
-कहा-विधायक और हारे हुए प्रत्याशी ही पंचायत टिकटों के मालिक है
-तो संगठनों औऱ कार्यकर्ताओं को लगा दे ताले
-लांबा के आरोपों से कांग्रेस गलियारों में बढ़ी हलचल
-क्योंकि लांबा पीसीसी चीफ डोटासरा के गृह जिले सीकर से आते है
-दरअसल अधिकतर टिकटों में विधायकों की सिफारिश रही हावी
-वहीं विधानसभा चुनाव लड़े प्रत्याशियों की सिफारिश पर बंटे टिकट
-कुछ टिकट बंटी पीसीसी,सांसद औऱ अन्य दिग्गजों की सिफारिश पर
-ऐसे में टिकट नहीं मिलने से कार्यकर्ता दिख रहे है निराश
दरअसल इससे पहले दिग्गज नेताओं के रिश्तेदारों को खूब टिकट बांटी गई है.किसी का बेटा बेटी चुनाव लड़ रहे है तो किसी के दूसरे रिश्तेदार चुनावी रण में है.ऐसे में कार्यकर्ताओं का अब आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है.दरअसल दिग्गजों की सिफारिश पर कांग्रेस में शुरु से ही टिकट वितरण का कल्चर रहा है.लेकिन संगठन सृजन के जरिए बनाए गए जिला अध्यक्षों के सिस्टम से दावा किया था कि मेहनती,पदाधिकारियों औऱ कार्यकर्ताओं को भी टिकट मिलेंगे.लेकिन कुछ को छोड़ दे तो अधिकतर जिला अध्यक्षों को भी टिकट वितरण से दरकिनार किया गया.
कांग्रेस में हर काम में विधायक डिजायर सिस्टम को तवज्जो देने से यकीनन संगठन औऱ पार्टी को काफी डैमेज हो रहा है.क्योंकि दिग्गज नेता अपने रिश्तेदारों औऱ चहेतों को टिकट देने से ऊपर की कभी उठते ही नहीं.लिहाजा कार्यकर्ता भी फिर पार्टी के कार्यक्रमों से अपनी दूरी बना लेता है.अब देखते है कि फ्यूचर में कांग्रेस हाईकमान इस कमजोर सिस्टम पर कैसे कंट्रोल करता है.