नई दिल्ली: भाजपा प्रवक्ता एवं सांसद संबित पात्रा ने भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की इस दौरान उन्होंने कहा कि वंदे मातरम की 150वीं सालगिरह है. 15 अगस्त 2026 को लाल किले से पूरा वंदे मातरम गाया गया था, जिसमें छह पद हैं. लेकिन 15 अगस्त को कांग्रेस दफ्तर में एक अशोभनीय घटना हुई.
कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मौजूदगी में, जब तिरंगा फहराया जा रहा था, तो सोनिया गांधी ने दो पदों के बाद वंदे मातरम रोकने का इशारा किया. 19 अगस्त को CWC की बैठक में एक प्रस्ताव आया कि हम वंदे मातरम के केवल दो पद गाएंगे. हम सभी जानते हैं कि 1937 में यह फैसला क्यों लिया गया था.
राष्ट्रभक्ति का लबादा आज कांग्रेस से हट चुका:
वंदे मातरम् से खिलवाड़ सहन नहीं होगा. महात्मा गांधी ने कहा था ये राष्ट्र का गान है. देश आजाद हुआ तो पटेल जी ने ओंकार नाथ ठाकुर से कहा कि ऑल इंडिया रेडियो पर वंदे मातरम् गाओ. उन्होंने पूरा वंदे मातरम् गाऊंगा और उन्होंने गाया. भाजपा ने पदाधिकारियों की बैठक में कहा कि देश में वंदे मातरम् का यशोगान होगा. सियार भी कभी बाघ का चमड़ा धारण करता है तो एक ना एक दिन असलियत आ ही जाती है. राष्ट्रभक्ति का लबादा आज कांग्रेस से हट चुका. वो तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है.
कोई संविधान से बड़ा नहीं है:
उन्होंने आगे कहा कि CWC अपने कार्यालय में बैठकर संसद से बड़ा ना समझे.संसद में निर्णय होगा वही देश का निर्णय है. पार्टी देश से बड़ी है ऐसा नहीं होगा. पार्टी युवाओं में वंदे मातरम् के विषय को लेकर जाएगी. हम सब संविधान से बंधे है कोई संविधान से बड़ा नहीं है.