जयपुर: भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता को लेकर भजनलाल सरकार की 'जीरो टोलरेंस' है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभागीय जांच के 19 प्रकरणों का निस्तारण किया. अनुशासनहीन कार्मिकों के विरुद्ध वार्षिक वेतन वृद्धियां,पेंशन रोकने की कार्रवाई की. अनुशासनहीन,कर्तव्यहीन कार्मिकों के विरुद्ध वार्षिक वेतन वृद्धि,पेंशन रोकने की कार्रवाई की.
राज्य सेवा के चार सेवारत अधिकारियों के विरुद्ध शास्ति के प्रकरणों में आरोप प्रमाणित है. नियम 16 के तहत वेतन वृद्धि रोकने, नियम 16CCA के तहत जांच के 7 प्रकरणों में फैसला लिया गया. 8 सेवानिवृत्त अधिकारियों की समानुपातिक पेंशन रोकने का अनुमोदन किया. मुख्यमंत्री ने पुनरावलोकन याचिकाओं पर विचार करते हुए 4प्रकरणों में दंड को यथावत रखा.
वहीं, एक प्रकरण में दण्ड में संशोधन कर सीमित किया. मुख्यमंत्री ने भारतीय वन सेवा के एक अधिकारी को राहत प्रदान की. अनुशासनात्मक कार्रवाई को लिखित अभिकथन के स्तर पर समाप्त करने का निर्णय लिया. दो अन्य प्रकरणों में भी पूर्णतया आरोपों के प्रमाणित नहीं होने पर 4 अधिकारियों को दोषमुक्त किया.
भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता को लेकर भजनलाल सरकार की 'जीरो टोलरेंस':
-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभागीय जांच के 19 प्रकरणों का किया निस्तारण
-अनुशासनहीन कार्मिकों के विरुद्ध वार्षिक वेतन वृद्धियां,पेंशन रोकने की कार्रवाई
-अनुशासनहीन,कर्तव्यहीन कार्मिकों के विरुद्ध वार्षिक वेतन वृद्धि,पेंशन रोकने की कार्रवाई की
-राज्य सेवा के चार सेवारत अधिकारियों के विरुद्ध शास्ति के प्रकरणों में आरोप प्रमाणित
-नियम 16 के तहत वेतन वृद्धि रोकने, नियम 16CCA के तहत जांच के 7 प्रकरणों में फैसला
-8 सेवानिवृत्त अधिकारियों की समानुपातिक पेंशन रोकने का अनुमोदन
-मुख्यमंत्री ने पुनरावलोकन याचिकाओं पर विचार करते हुए 4प्रकरणों में दंड को रखा यथावत
-वहीं, एक प्रकरण में दण्ड में संशोधन कर किया सीमित
-मुख्यमंत्री ने भारतीय वन सेवा के एक अधिकारी को प्रदान की राहत
-अनुशासनात्मक कार्रवाई को लिखित अभिकथन के स्तर पर समाप्त करने का लिया निर्णय
-दो अन्य प्रकरणों में भी पूर्णतया आरोपों के प्रमाणित नहीं होने पर 4 अधिकारियों को किया दोषमुक्त