जयपुरः निकाय चुनाव रिजल्ट से सबक लेते हुए राजस्थान कांग्रेस ने अब पंचायत चुनाव की रणनीति में बदलाव किया है. कांग्रेस इस बार निकाय चुनाव में दिग्गजों के प्रचार नहीं करने वाली गलती नहीं दोहराएगी. इस बार तय किया है कि एकजुटता के साथ सभी मिलकर वोट मांगेंगे. सभी नेता मिलकर चुनावी रणनीति का खाका तैयार करेंगे. जल्द इसको लेकर अब कईं बैक टू बैक बैठक भी होगी.
चुनाव तारीखों के ऐलान के साथ ही मरुभूमि में पंचायत चुनाव का रण सज चुका है. देहात के मतदाताओं का दिल जीतने के लिए तमाम सियासी दलों ने चुनावी तैयारियों को और धार देना शुरु कर दिया है. बात कांग्रेस की करें तो पार्टी ने पंचायत चुनाव की जंग जीतने के लिए इस बार रणनीति में बदलाव किया है. कांग्रेस के दिग्गज नेता निकाय चुनाव वाली गलती इस बार बिल्कुल नहीं दोहराएंगे. कांग्रेस रणनीतिकारों ने तय किया है कि तमाम दिग्गज नेता एक साथ मिलकर प्रचार करने निकलेंगे. कल पूर्व सीएम अशोक गहलोत के आवास पर हुई अहम बैठक में इन तमाम पहलू पर गहनता से मंथन किया गया.
निकाय चुनाव रिजल्ट से कांग्रेस ने लिया सबक
अब तमाम दिग्गज नेता निकलेंगे प्रचार करने
कल अशोक गहलोत के आवास पर हुआ अहम मंथन
जल्द कांग्रेस गठित करेगी इलेक्शन कैंपेन कमेटी का गठन
जल्द बैक टू बैक कांग्रेस की होगी चुनावी रणनीति को लेकर कईं बैठक
अगले हफ्ते से सीनियर नेता करेंगे प्रचार शुरु
गहलोत,जूली,डोटासरा,सीपी जोशी और पायलट जैसे नेता करेंगे सभाएं
रोड शो,रैली और नुक्कड़ सभाओं के जरिए मांगेंगे वोट
एकजुट होकर चुनाव लड़ने का इसके जरिए कांग्रेस देगी संदेश
निकाय चुनाव में कांग्रेस भले ही भाजपा के मुकाबले वोट प्रतिशत के लिहाज से एक परसेंट पीछे रही हो लेकिन फिर भी निकाय प्रमुख बनाने में बीजेपी ने बाजी मारी. अब कांग्रेस के सामने अपने मजबूत ग्रामीण वोट बैंक को बचाने की मजबूत चुनौती सामने है. लिहाजा कांग्रेस पार्टी ने अकेला चलो के बजाय एक है तो सेफ है रणनीति अपनाने का फैसला लिया है. वहीं टिकट वितरण और चुनाव से जुड़े अन्य फैसले भी सामूहिक रुप से लिए जाएंगे.
सियासी नजरिए से कांग्रेस के लिए पंचायत चुनाव काफी अहम है. क्योंकि कांग्रेस को गांवों की पार्टी माना जाता है. पंचायत चुनाव के रिजल्ट से कांग्रेस की विपक्ष की भूमिका का भी स्कोर कार्ड सामने आ जाएगा. पंचायत चुनाव के बाद राजस्थान में फिर सीधे 2028 के विधानसभा चुनाव होंगे. ऐसे में कांग्रेस को सत्ता में वापसी की तरफ बढ़ने के लिए पंचायत चुनाव के रण को जीतना बेहद जरुरी हो जाएगा. अब देखते है कांग्रेस की हम साथ साथ है वाली रणनीति कितनी कारगर साबित होती है.
पंचायत चुनाव के रण को लेकर कांग्रेस ने बदला प्लान
अब अकेला चलने के बजाय हम साथ-साथ है की रणनीति अपनाएंगे
निकाय चुनाव रिजल्ट से कांग्रेस ने लिया सबक
जल्द सीनियर नेताओं की बनाई जाएगी कैंपेन कमेटी
गहलोत,डोटासरा,पायलट,जूली और जोशी करेंगे चुनावी प्रचार
रैली,रोड़ शो और सभाओं का होगा आय़ोजन