पंचायत चुनाव में कांग्रेस का नया प्लान ! टिकट से लेकर प्रचार तक सामूहिक नेतृत्व पर जोर, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः राजस्थान में पंचायत चुनाव की आहट के साथ कांग्रेस ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. इस बार पार्टी का फोकस सिर्फ चुनाव लड़ने पर नहीं, बल्कि संगठन को साथ लेकर आगे बढ़ने पर है टिकट वितरण को लेकर भी कांग्रेस ने अपनी रणनीति साफ कर दी है. उम्मीदवारों के चयन में पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की भूमिका अहम रहेगी. साथ ही कांग्रेस ने सीनियर लीडर्स की केम्पेन कमेटी भी बना दी है. 

निकाय चुनाव में कई जगह ख़राब रणनीति व नेताओ की मोनोपोली के कारण शिकस्त झेलने वाली कांग्रेस पंचायत चुनाव से पहले संभल गयी है. अब एकला चलो के सिद्धांत पर नहीं बल्कि साथ चलो के फॉर्मूले पर चुनाव लड़ा जायेगा.  टिकट वितरण का फैसला किसी एक नेता या सिर्फ विधायकों के स्तर पर नहीं होगा. पार्टी संगठन के जिलाध्यक्षों को भी चुनावी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी. विधायकों की भूमिका रहेगी, लेकिन सिर्फ विधायकों की पसंद से टिकट तय नहीं होंगे. यानी पंचायत चुनाव में कांग्रेस का फोकस साफ है—संगठन मजबूत हो, नेताओं में समन्वय हो और टिकट वितरण में सामूहिक राय हो.

खास बात ये है कि पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी एकजुट नजर आ रहे हैं. वहीं चुनावी रणनीति को धार देने के लिए 20 सदस्यीय कैंपेन कमेटी का गठन भी किया गया है.

सीनियर नेताओ की केम्पेन कमेटी बनाई गयी 

पंचायती राज चुनाव-2026 में केम्पेन की कमान संभालेगी 

गोविंद सिंह डोटासरा टीकाराम जूली

अशोक गहलोत सचिन पायलट

हरीश चौधरी डॉ. सी.पी. जोशी

जितेंद्र सिंह नीरज डांगी रामकेश मीणा

रफीक खान उदयलाल अंजना प्रमोद जैन भाया

शाले मोहम्मद प्रताप सिंह खाचरियावास शकुंतला रावत

ममता भूपेश गणेश घोगरा हरिसिंह यादव

एम.डी. चौपदार सी.बी. यादव शामिल 

सभी फ्रंटल संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष भी समिति में

पंचायत चुनाव को लेकर राजस्थान कांग्रेस ने अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है.

पार्टी इस बार चुनावी मैदान में संगठन को केंद्र में रखकर आगे बढ़ने की तैयारी में है.

टिकट वितरण में पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी

यानी उम्मीदवारों के चयन में सामूहिक चर्चा और संगठन की राय को महत्व दिया जाएगा    

चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच भी समन्वय बनाने पर जोर है. हाल के दिनों में पार्टी के कई बड़े नेता एक मंच पर नजर आए हैं. अब यही एकजुटता पंचायत चुनाव की तैयारियों में भी दिखाई देने की कोशिश है.यानी पंचायत चुनाव के लिए कांग्रेस का फॉर्मूला है—सामूहिक फैसला, मजबूत संगठन और साझा चुनावी रणनीति. अब असली परीक्षा टिकट वितरण से लेकर बूथ स्तर तक इस रणनीति के अमल की होगी.