VIDEO: जल्द होंगे NSUI के अब संगठन चुनाव, 16 से 27 साल की आयु वाले लड़ सकेंगे चुनाव, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: यूथ कांग्रेस के बाद अब एनएसयूआई के भी जल्द संगठन चुनाव होंगे. पहले चरण में यूनिवर्सिटी और कॉलेज में चुनाव होंगे उसके बाद जिला औऱ स्टेट लेवल पर चुनाव कराए जाएंगे. खास बात है कि कैंपस में अध्यक्ष निर्वाचित होने वाले ही फिर जिला औऱ स्टेट लेवल पर चुनाव लड़ सकेंगे और वोट डालेंगे.

आखिरकार कांग्रेस के अग्रिम संगठन एनएसयूआई ने एक बार फिर आधिकारिक रूप से संगठन चुनाव कराने का ऐलान कर दिया है. इलेक्शन के लिए सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी का भी गठन हो चुका है. एनएसयूआई ने संगठन चुनाव दो चरणों में कराने का फैसला लिया है. संगठन का दावा है कि पूरा चुनाव पारदर्शी होगा और सभी स्टूडेंट्स के लिए ओपन होगा.

जल्द होंगे NSUI संगठन चुनाव
-दो चरण में होंगे संगठन के चुनाव
-पहले चरण में यूनिवर्सिटी और कॉलेज में होंगे चुनाव
-सभी सरकारी और प्राइवेट सहित अन्य कॉलेज में होंगे इलेक्शन
-कैंपस में सिर्फ अध्यक्ष पद के लिए वोटिंग होगी
-फिर प्राप्त वोटों के आधार पर टोटल 11 पदाधिकारी बनेंगे
-दूसरे चरण में फिर जिला औऱ स्टेट लेवल पर होंगे इलेक्शन
-जिला और स्टेट लेवल पर केवल कैंपस में निर्वाचित अध्यक्ष ही चुनाव लड़ पाएंगे
-वहीं वोटिंग में भी कैंपस में निर्वाचित हुए अध्यक्ष हिस्सा लेंगे
-यूथ कांग्रेस की तरह कैंपस के बाहर मेंबरशिप नहीं होगी
-कॉलेज की ID कार्ड और आधार कार्ड के आधार पर होगी मेंबरशिप
-मेंबरशिप की फीस 3 साल के लिए होगी 45 रुपए
-स्क्रूटनी और इंटरव्यू के बाद होगा अंतिम परिणाम घोषित
-मेंबरशिप और वोटिंग प्रक्रिया एप के जरिए होगी ऑनलाइन
-16 से 27 साल की आय़ु तक वाले लड़ सकेंगे चुनाव

आपको बता दे कि पहले भी संगठन में चुनाव हुए थे लेकिन फिर कईं कारणों के चलते चुनाव के ब्रेक लग गए थे. लेकिन अब नए कलेवर में चुनाव फिर से शुरु होंगे. संगठन चुनाव में सामाजिक न्याय फार्मूला भी लागू होगा. अलग-अलग राज्यों की डेमोग्राफी के हिसाब से चुनाव में रिजर्वेशन भी लागू होगा. एससी और एसटी वर्ग को चुनाव में आरक्षण का फायदा मिलेगा. वहीं महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी.

दरअसल नए वर्जन के संगठन चुनाव के तहत कांग्रेस का फोकस अब जेन जी औऱ कैंपस पर ज्यादा रहेगा. हायर एजुकेशन की पढाई करने वाले स्टूडेंट्स को  कैंपस से ही अपनी आइडियोलॉजी से जोड़ने का इसका मुख्य मकसद है. अब देखना है कि संगठन चुनाव के जरिए किस तरह युवाओं और स्टूडेंट्स को कांग्रेस जोड़ने में कामयाब होती है.