इंदिरा गांधी नहर से भी ज्यादा डिस्चार्ज होगा पानी, PKC-ERCP में लगेंगे राजस्थान के सबसे बड़े पंप

इंदिरा गांधी नहर से भी ज्यादा डिस्चार्ज होगा पानी, PKC-ERCP में लगेंगे राजस्थान के सबसे बड़े पंप

जयपुर:  PKC-ERCP प्रोजेक्ट के तहत 17 जिलों में पेयजल की व्यवस्था के लिए भारी विद्युत तंत्र की आवश्यकता रहेगी ताकि पूरी क्षमता के साथ पानी आगे की तरफ छोड़ा जा सके.

दावा किया जा रहा है कि इंदिरा गांधी नहर से भी ज्यादा पानी छोड़ा जाएगा. साथ ही पंप हाउसों पर प्रदेश के सबसे बड़े पाइप लगाए जाएंगे और इन्हें विद्युत सिस्टम से जोड़ने के लिए टाइम लाइन भी तय होगी. पहले चरण में पंप हाउस दिसंबर, 2027 और दूसरे चरण में पंप हाउस अप्रैल 2028 तक चालू होंगे. किस पंप हाउस पर कितने मेगावाट बिजली की रहेगी जरूरत और कितना पानी छोड़ा जाएगा.

जल संसाधन विभाग का दावा है कि PKC-ERCP के तहत बन रहे पंप हाउसों से इंदिरा गांधी नगर से भी ज्यादा पानी छोड़ा जाएगा. संख्या की बात करें तो कहा जा रहा है कि 14 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा. ऐसे में इन पंप हाउसों पर बड़ा विद्युत तंत्र स्थापित किया जाएगा. विद्युत निगम की तकनीकी टीम के साथ कई बैठकों के बाद फाइनल हो गया कि किस पंप हाउस पर कितने मेगावाट बिजली की जरूरत रहेगी.

किस पंप हाउस पर कितने मेगावाट का सिस्टम
नवनेरा पंप हाउस पर 180 मेगावाट 
मैज बैराज पंप हाउस पर 213 मेगावाट 
गलवा पंप हाउस पर 64 मेगावाट 
ईसरदा पंप हाउस पर 15 मेगावाट
चाकसू पंप हाउस पर 9 मेगावाट
कानोता पंप हाउस पर 45 मेगावाट
खुरा चैनपुरा पंप हाउस पर 65 मेगावाट
टोरडी सागर पंप हाउस पर 23 मेगावाट
लांबा हरिसिंह पंप हाउस पर 36 मेगावाट
भीम सागर पंप हाउस पर 30 मेगावाट

PKC-ERCP के तहत सभी पंप हाउस के आदेश जारी हो चुके हैं और कुछ जगह काम भी शुरू हो गया. जल संसाधन विभाग की मानें तो पंप हाउस की स्थिति के हिसाब से पाइपों का निर्माण करवाया जा रहा है. अच्छी बात यह है कि विभाग अप्रैल, 2028 तक प्रोजेक्ट से पेयजल आपूर्ति का दावा कर रहा है और विद्युत निगम को भी दूसरे चरण में अप्रैल, 2028 तक पंप हाउस चालू करवाने को कहा गया. माना जा सकता है कि सब कुछ ठीक रहा तो तय समय पर ही चंबल का पानी मिल सकेगा.