VIDEO: SMS अस्पताल की "पार्किंग" में नए विवाद की सुगबुगाह! अस्पताल में पार्किंग टेण्डर फाइनल होते ही प्रशासन को याद आई अव्यवस्थाएं, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था एकबार फिर "विवाद" को जन्म देती दिखाई दे रही है.लम्बे प्रयास के बाद अस्पताल प्रशासन ने आखिरकार पार्किंग का टेण्डर फाइनल करते हुए सालाना दो करोड़ से अधिक के राजस्व की राह खोली है, लेकिन इसके साथ ही पिछले कई सालों से मुख्य सड़क पर व्याप्त अव्यवस्थाओं को सुधार की आड़ में नई प्लानिंग शुरू हो गई है.इसके तहत अस्पताल के बाहर से गाड़ियों को सीधे रामनिवास बाग की पार्किंग में भेजने की तैयारी हैं.

एसएमएस हॉस्पिटल की पार्किंग के विवाद का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है.पहले टेण्डर विवाद में पार्किंग पर कब्जा जमाने का खेल हुआ और फिर मनमाने तरीके से पार्किंग में जनता से अवैध वसूली की गई.करीब डेढ़ साल पहले प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए पार्किंग का संचालन अपने हाथ में तो लिया, लेकिन गार्डों के भरोसे व्यवस्था सुधर नहीं पाई.नतीजन, मौजूदा स्थिति में न केवल हॉस्पिटल परिसर में बेतरतीब गाड़ियां खड़ी हो रही है, बल्कि ओपीडी समय में तो धन्वंतरी ब्लॉक, बांगड़ एरिया, चरक भवन परिसर के आसपास ट्रेफिक जाम आमबात है.ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने सात साल बाद एकबार फिर पार्किंग का नया टेण्डर फाइनल किया है.जिसमें हर साल दो करोड़ रुपए से अधिक की आमदनी फिक्स हुई है.इसके साथ आमजन को भी हाईटेक सुविधा और तय शुल्क से ही पार्किंग भी मिलने की राह खुली है.

पार्किंग से एसएमएस का खजाना होगा मालामाल !:
-प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल की पार्किंग से जुड़ी खबर
-अस्पताल प्रशासन ने लम्बे प्रयास के बाद फाइनल किया पार्किंग टेण्डर
-इस टेण्डर में अस्पताल प्रशासन को पहले साल में 2.01 करोड़ की आमद तय
-इसके बाद अगले साल 2.21 करोड़ और तीसरे साल में मिलेंगे 2.45 करोड़ रुपए
-जबकि इससे पहले के राजस्व को देखते तो अस्पताल को 2021-22 में 79 लाख,
-2022-23 में 87 लाख, 2023-24 में 86 लाख, 2024-25 में 86 लाख और
-2025-26 में महज 65 लाख रुपए की आमदगी पार्किंग के जरिए हुई
-यानी नए टेण्डर से पिछले सालों की तुलना में दो गुना से अधिक राजस्व मिलेगा

फास्टैग से कटेगा शुल्क, रियल टाइम मॉनिटरिंग:
-प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल की पार्किंग से जुड़ी खबर
-नए टेण्डर के मुताबिक मैन बिल्डिंग परिसर, धनंवतरी ब्लॉक और
-ट्रोमा सेंटर पर बनी बेसमेंट पार्किंग के एंट्री, एग्जिट पोइंट पर फास्टैग स्कैनर लगेंगे
-इन स्कैनरों के जरिए फास्टैग से ही पार्किंग शुल्क वसूला जाएगा
-अगर फास्टैग काम नहीं कर रहा होगा,तो ऑनलाइन यूपीआई के जरिए या
-नकद भी पार्किंग शुल्क देने की व्यवस्था होगी
-इस व्यवस्था के शुरू होने से यहां हर पार्किंग एरिया की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी
-किस बेसमेंट पार्किंग में कितनी गाड़ियां खड़ी है और कितनी गाड़ियों का स्पेस बचा है
-ये अस्पताल के मुख्य द्वार और पार्किंग के बाद डिस्प्ले पर प्रदर्शन रहेगा
-हर गाड़ी की एंट्री, एग्जिट के टाइम सीसीटीवी के जरिए मॉनिटरिंग होगी

अस्पताल प्रशासन ने 2 करोड़ से अधिक के राजस्व के प्रस्ताव पर जैसे ही टेण्डर फाइनल किया तो प्रतिदंद्वी फर्मों ने दवाब बनाना शुरू कर दिया है.पहले तो टेण्डर को कैंसिल करने के लिए शिकायतों का दौर शुरू हुआ और फिर जब बात नहीं बनी तो अब ट्रोमा सेन्टर, एसएसबी और एसएमएस के बाहर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग को हटाने के नाम पर नई व्यवस्था शुरू करने की कवायद तेज हो गई है.इस व्यवस्था में प्लानिंग ये हो रही है कि मरीज और उनके परिजनों के वाहन रामनिवास बाग की पार्किंग में खड़े करवाए जाए.इसके बाद मरीजों को फ्री-ईरिक्शा सेवा के जरिए अस्पताल लाया जाए. हालांकि, अभी ये सिर्फ प्लानिंग है, लेकिन यदि ये व्यवस्था लागू होती है तो अस्पताल के मुख्य द्वार पर बड़ा विवाद खड़ा होने की आंशका है.सबसे बड़ा विवाद ये है कि यदि मरीज और उनके परिजनों के वाहनों को प्रवेश ही नहीं दिया जाएगा तो फिर अस्पताल की पार्किंग का क्या होगा?