जयपुर : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने X पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि SIR में 13 करोड़ वोट कटने का दावा पूरी तरह भ्रामक एवं असत्य है. विपक्ष द्वारा राजनीतिक स्वार्थ के लिए SIR को लेकर जनता के बीच भ्रम और अफवाहें फैलाने का प्रयास किया जा रहा है. जबकि वास्तविकता यह है कि ड्राफ्ट सूची में मृत, अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित अथवा दोहरी प्रविष्टियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत चिह्नित किया गया है.
इन प्रविष्टियों का ड्राफ्ट सूची में चिह्नित होना यह कतई नहीं दर्शाता कि संबंधित नाम अंतिम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं. इसके लिए सभी पात्र मतदाताओं को दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने का पूरा अवसर दिया गया है, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रहें और प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे.
SIR में 13 करोड़ वोट कटने का दावा पूरी तरह भ्रामक एवं असत्य है! विपक्ष द्वारा राजनीतिक स्वार्थ के लिए SIR को लेकर जनता के बीच भ्रम और अफवाहें फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि वास्तविकता यह है कि ड्राफ्ट सूची में मृत, अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित अथवा दोहरी प्रविष्टियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत चिह्नित किया गया है। इन प्रविष्टियों का ड्राफ्ट सूची में चिह्नित होना यह कतई नहीं दर्शाता कि संबंधित नाम अंतिम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इसके लिए सभी पात्र मतदाताओं को दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने का पूरा अवसर दिया गया है, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रहें और प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। इसी पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध एवं विश्वसनीय बनाना, फर्जी मतदान पर अंकुश लगाना और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए राजनीतिक स्वार्थ से फैलाए जा रहे भ्रम और अफवाहों से सावधान रहें तथा तथ्यों पर विश्वास करें। मतदाता सूची से संबंधित प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक सूचना तंत्र पर ही भरोसा करें।
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) October 5, 2026
इसी पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध एवं विश्वसनीय बनाना, फर्जी मतदान पर अंकुश लगाना और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा सुनिश्चित करना है. इसलिए राजनीतिक स्वार्थ से फैलाए जा रहे भ्रम और अफवाहों से सावधान रहें तथा तथ्यों पर विश्वास करें. मतदाता सूची से संबंधित प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक सूचना तंत्र पर ही भरोसा करें.