पंचायत चुनाव के रण में कूदी कांग्रेस, निकाय चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस ने बदली रणनीति

पंचायत चुनाव के रण में कूदी कांग्रेस, निकाय चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस ने बदली रणनीति

जयपुर: निकाय चुनाव से सबके लेते हुए कांग्रेस ने अब पंचायत चुनाव को लेकर अपनी रणनीति में बदलाव किया है. चुनाव से पहले माहौल बनाने के लिए अब कांग्रेस के दिग्गज नेता भी सभाएं करेंगे. आज डेगाना से गोविंद डोटासरा और टीकाराम जूली ने चुनावी शंखनाद भी कर दिया. आगे भी कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का चुनावी प्रचार जारी रहेगा. 

निकाय चुनाव परिणाम विपरीत रहने पर कांग्रेस की रणनीति को खूब ट्रोल किया. यहां तक कि अशोक गहलोत ने भी चुनावी रणनीति को लेकर सवाल खड़े किए थे. सभी ने आरोप लगाए कि कांग्रेस के दिग्गज नेता अगर फील्ड में जाकर सभाएं और रोड़ शो करते तो नतीजे फेवर में आ सकते थे. लिहाजा इसको देखते हुए अब राजस्थान कांग्रेस ने पंचायत चुनाव को लेकर गियर बदल लिया है. कांग्रेस ने नागौर जिले से आज पंचायत चुनाव प्रचार का बाकायदा आगाज भी कर दिया.

पंचायत चुनाव की जंग
-निकाय चुनाव परिणाम से कांग्रेस ने सीखा सबक
- कांग्रेस ने किया अब अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव
-अब कांग्रेस के दिग्गज नेता भी करेंगे फील्ड में प्रचार 
-नागौर के डेगाना से किया पंचायत चुनाव के प्रचार का शंखनाद
-गोविंद डोटासरा और टीकाराम जूली ने किया कार्यकर्ता सम्मेलन
-आगे भी लगातार जूली और डोटासरा जारी रखेंगे चुनावी सभाएं
-प्रभारी रंधावा और अशोक गहलोत भी चुनाव सभाओं में लेंगे हिस्सा
-निकाय चुनाव में दिग्गज नेताओं ने नहीं किया था प्रचार
-जिसके चलते कांग्रेस को उठाना पड़ा था नुकसान

पंचायत चुनाव की जंग जीतने के लिए कांग्रेस ने आज नागौर की धरा से प्रचार की शुरुआत की. पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत पंडित नेहरु ने नागौर से ही की थी. कार्यकर्ता सम्मेलन में डोटासरा औऱ जूली ने जमकर सरकार को कोसा. दोनों ने आरोप लगाए कि गांवों में विकास कार्य ठप पड़े है. केन्द्र से योजनाओं के पैसे बिल्कुल नहीं आ रहा. दोनों ने कहा कि पंचायत चुनाव में कांग्रेस शानदार परफॉर्म करेगी.

पंचायत चुनाव भी इस बार कई नजरिए से अहम होंगे क्योंकि राजस्थान के इतिहास में पहली बार एक साथ पंचायत चुनाव होंगे. शहरी जनता ने अपना जनादेश दे दिया है. अब देखते है देहात की जनता का क्या मिजाज है.