जयपुर: ओबीसी वोट बैंक को कांग्रेस के पाले में लाने की कवायद में जुटी कांग्रेस ने अब एक्शन प्लान बनाकर ग्राउंड पर वर्किंग शुरु कर दी है. ओबीसी वर्ग के मुद्दों को लेकर राजस्थान कांग्रेस स्टेट काउंसिल की आज जयपुर में पहली अहम बैठक हुई. बैठक में ओबीसी आरक्षण,जातिगत जनगणना जल्द करवाने और राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने जैसे कईं मसलों पर मंथन हुआ.
सत्ता पाने की जद्दोजहद में जुटी कांग्रेस ने अब मजबूत और निर्णायक ओबीसी वोट बैंक पर डोरे डालना शुरु कर दिया है. तीन लोकसभा चुनाव लगातार हार चुके कांग्रेस थिंक टैंक को अब यह अच्छे से एहसास हो गया है कि अगर सत्ता में आना है तो ओबीसी वोट बैंक को हर हाल में साधना ही पड़ेगा. लिहाजा पहले राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना मुद्दा उठाया. अब जिसकी जितनी आबादी-उसकी उतनी हिस्सेदारी के तहत कांग्रेस ओबीसी वर्ग के अन्य मुद्दे उठा रही है. इसको लेकर आज जयपुर में राजस्थान कांग्रेस ओबीसी विभाग की एडवाइजरी काउंसिल की पहली अहम बैठक हुई. बैठक में राजस्थान कांग्रेस के ओबीसी वर्ग के नेताओं ने विभिन्न मुद्दों पर मंथन किया.
बैठक में जातिगत जनगणना जल्द औऱ प्रभारी तरीके से कराने के मसले पर विस्तार से डिस्कशन हुआ. कांग्रेस ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जय हिंद ने कहा हमें सिर्फ कितनी जातियां है, यह आंकड़े नहीं चाहिए. बल्कि साइंटिफिक और टेक्नोलॉजी के जरिए तेलंगाना मॉडल चाहिए. जातिगत जनगणना के आंकड़े आने के बाद ओबीसी वर्ग के सशक्तिकरण के लिए प्रभावी कदम भी उठाए जाए.
बैठक में ओबीसी के 21 फीसदी आरक्षण को पूरा देने. चुनावों और संगठन में टिकट और पद देने जैसे अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई. काउंसिल के सदस्यों ने ओबीसी वोट बैंक को कांग्रेस से जोड़ने के लिए कई अहम सुझाव दिए. आखिर में मंथन के बाद एक एक्शन प्लान तैयार किया गया. वहीं बैठक में 67 सदस्यों में से कईं.