मुकदमों को लेकर छलका नरेश मीणा का दर्द, कहा- राजनीति में किसी पर भी निर्दोष होने के बावजूद भी लगाया जा सकता मुकदमा

टोंक : नरेश मीणा टोंक जेल से रिहा हो गए हैं. रिहा होते ही नरेश मीणा के समर्थकों ने आरती और तिलक किया.  रिहाई के बाद नरेश मीणा मीडिया से  मुख़ातिब होते हुए कहा कि मैंने हमेशा न्यायपालिका पर भरोसा रखा. पूर्व में मिली जमानत की शर्तों की भी मैंने पालना की थी.

मैंने कई धरनों, प्रदर्शन और आंदोलनों से खुद को दूर रखा. लेकिन झालावाड़ में स्कूल त्रासदी मामले में खुद को रोक नहीं पाया. शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया था लेकिन पुलिस शर्तों के उल्लंघन को लेकर कोर्ट पहुंची. उन्होंने आगे कहा कि कोर्ट का आभार व्यक्त करता हूं उन्होंने मुझे जमानत दी.

समर्थकों का भी आभार जताते हुए कहा कि मेरे समर्थक होपलेस नहीं हुए और मज़बूती से मेरे साथ खड़े रहे. मेरे जेल में रहते हुए भी कई समर्थकों ने सड़कों पर उतर कर आंदोलन किए. नरेश मीणा ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हाल ही में नगर निकाय चुनाव में धांधली कर सत्ता और सरकार का दुरुपयोग किया.

मुकदमों को लेकर भी नरेश मीणा का दर्द छलका. उन्होंने कहा कि राजनीति में किसी पर भी निर्दोष होने के बावजूद भी मुकदमा लगाया जा सकता है. किसी राजनेता की अगर राजनीतिक हत्या करनी है तो उसे चुनाव हरा कर नहीं बल्कि उसे किसी भी कानूनी दांव पेंच में फंसा कर किसी पर झूठा मुकदमा लगवाकर उसे सजा दिलवा कर उसकी राजनीतिक हत्या कर सकते हैं.

2028 चुनावों पर हमारी नज़र है. आने वाले समय में ऐसे आंदोलनों से दूर रहूंगा जहां कानून टूट सकता हो. अनुशासित तरीके से जनसेवा करता रहूंगा. मेरी कार्यशैली और इमेज शुरू से आंदोलन वाले नेता की रही है. राजनीति में आम जनता के आवाज उठाने के लिए आंदोलन करने पड़ते हैं.