शक्ति और भक्ति का पर्व शारदीय नवरात्रा आज से, घर-घर घट स्थापना के साथ शारदीय नवरात्रा का शुभारंभ

शक्ति और भक्ति का पर्व शारदीय नवरात्रा आज से, घर-घर घट स्थापना के साथ शारदीय नवरात्रा का शुभारंभ

जयपुर: ...या देवी सर्व भूतेषु, शक्तिरूपेण संस्थिता... शक्ति और भक्ति का पर्व शारदीय नवरात्रा आज से शुरू हो गया. घर-घर घट स्थापना के साथ शारदीय नवरात्रा का शुभारंभ हुआ. 9 दिन घरों-मंदिरों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा होगी. आज पहले दिन मां भगवती के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा हो रही है. देश-प्रदेश में गांव, गली-मोहल्लों में माता राणी के दरबार सज रहे है.

नवरात्रा स्थापना के साथ ही देवी धामों पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ा. जयपुर के आमेर स्थित शिलामाता मंदिर, जोधपुर में चामुंडा माता, बांसवाड़ा में त्रिपुरा सुंदरी, पल्लू में ब्रह्माणी माता, करौली में कैला मैया, देशनोक में करणी माता, जैसलमेर में तनोट माता, इंद्रगढ़ में बीजासन माता,  चौथ का बरवाड़ा में चौथ माता, जयपुर के जमवारामगढ़ में जमवाय माता, जोबनेर में ज्वाला माता, उदयपुरवाटी में शाकंभरी माता, सीकर में जीण माता, बाड़मेर में नागणेच्या माता, विरात्रा माता, नागौर में भुंवाल माता,गोठ मांगलोद में दधिमथी माता, आबू में अर्बुदा देवी, उदयपुर में इडाना माता, जालोर में सुंधा माता समेत देवी धामों पर 9 दिन मेले का सा माहौल रहेगा. 

आपको बता दें कि शक्ति भक्ति आस्था और उपासना का प्रतीक नवरात्रि का त्योहार आज से शुरू हो गया. नवरात्रि स्थापना के साथ अधिकांश घरों में मातामह श्राद्ध किया जा रहा है.  नवरात्रि का पर्व देवी शक्ति मां दुर्गा की उपासना का उत्सव है. पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर - जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डॉ अनीष व्यास ने बताया कि शारदीय नवरात्रि के ये नौ दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होते हैं. 

इस दौरान भक्त पूरे विधि-विधान के साथ माता की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं. धार्मिक मान्यता के मुताबिक आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि का आरंभ होता है और दशमी तिथि पर दशहरा के दिन इसका समापन किया जाता है. वहीं, शारदीय नवरात्रि के साथ ही एक बार फिर त्योहारों का सिलसिला शुरू हो जाता है, जिसकी रौनक धनतेरस-दिवाली और छठ तक बनी रहती है. नवरात्रि स्थापना के साथ अधिकांश घरों में मातामह श्राद्ध किया जाएगा.