जयपुरः कानून-व्यवस्था और चुनाव ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अब आकस्मिक पारिवारिक परिस्थितियों में अवकाश के लिए लंबी प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. आईआरडी बटालियनों में तैनात कार्मिकों के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं
कानून व्यवस्था एवं चुनाव ड्यूटी के दौरान अधिकारियों-कर्मचारियों के माता-पिता, पति-पत्नी, पुत्र-पुत्री जैसे निकट संबंधियों की आकस्मिक मृत्यु, दुर्घटना अथवा अचानक गंभीर बीमारी जैसी परिस्थितियां सामने आने पर कार्मिकों को अवकाश की आवश्यकता होती है. ऐसी स्थिति में अवकाश आवेदन स्वीकृत चैनल के माध्यम से जाने में देरी होने से संबंधित कार्मिक को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है. इसी को देखते हुए एडीजी RAC ने सभी बटालियनों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में कार्मिक द्वारा अवकाश का आवेदन प्रस्तुत किए जाने पर मामले की गंभीरता और आवश्यकता को देखते हुए तत्काल निर्णय लिया जाए तथा नियमानुसार अवकाश स्वीकृत करने के लिए छोटे चैनल की पालना की जाए.आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ऐसी आपात परिस्थितियों में केवल औपचारिक अथवा अनावश्यक प्रशासनिक कारणों से अवकाश आवेदन को लंबित नहीं रखा जाए. संबंधित अधिकारी को परिस्थितियों की तात्कालिकता को ध्यान में रखते हुए अविलंब अवकाश प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं.
आदेश में विशेष रूप से कहा गया है कि यदि किसी कार्मिक के माता-पिता अथवा निकट पारिवारिक सदस्य का निधन हो जाता है तो धार्मिक संस्कारों तथा आवश्यक पारिवारिक दायित्वों के निर्वहन के लिए नियमानुसार अवकाश प्रदान करने में मानवीय संवेदनशीलता बरती जाए.इस निर्देश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ड्यूटी की जिम्मेदारियों के बीच अचानक पारिवारिक संकट झेल रहे पुलिसकर्मी को अपने परिवार के साथ रहने और जरूरी जिम्मेदारियां निभाने के लिए समय मिल सके.एडीजी ने कंपनी स्तर पर पर्यवेक्षण करने वाले अधिकारियों को भी इस मामले में संवेदनशील रहने को कहा है. आदेश में एसी/सीसी/पीसी स्तर के कंपनी पर्यवेक्षण अधिकारियों को भी कार्मिकों की ऐसी परिस्थितियों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए हैं.यानी अब आपात पारिवारिक परिस्थितियों में पुलिसकर्मियों के लिए अवकाश प्रक्रिया को मानवीय और त्वरित बनाने पर जोर दिया गया है. आदेश में साफ संदेश है कि गंभीर पारिवारिक संकट के समय अनावश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं कार्मिक के लिए परेशानी का कारण नहीं बननी चाहिए.