नई दिल्ली : भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की आज जयंती है. शास्त्री जी ईमानदारी और सादगी की प्रतिमूर्ति थे. जनसेवा और देशहित के लिए उनका जीवन प्रेरणास्त्रोत समर्पित था.
अपनी जबरदस्त कार्यक्षमता से देश में हरित क्रांति और श्वेत क्रांति के प्रणेता बने. सर्वोच्च पद पर रहते हुए विनम्रता और जमीन से जुड़े होने की भावना थी. इसलिए लोग आज भी कहते हैं कि शास्त्री जी जैसा कोई दूसरा नहीं हो सकता. देश के लिए जो भी फैसला लेते थे सबसे पहले अपने घर में सख्ती से अपनाते थे.
आजादी की लड़ाई में शास्त्री जी कई बार जेल भी गए थे. छोटे कद के शास्त्री जी में जबरदस्त आंतरिक शक्ति थी. 1965 के युद्ध में शास्त्री जी का दृढ़ निश्चयी व्यक्तित्व को देखने को मिला. सादगी, विनम्रता और दृढ़ नेतृत्व के लिए शास्त्री जी को हमेशा याद किया जाएगा.