जयपुर : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में देवास परियोजना के कार्यों में अभूतपूर्व तेजी आयी है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में उदयपुर की दीर्घकालीन जल सुरक्षा को नई मजबूती मिल रही है. देवास परियोजना के तृतीय और चतुर्थ चरण के बांध एवं टनल निर्माण कार्य तेजी से जारी है. साबरमती बेसिन का अरब सागर में व्यर्थ बहने वाला अमूल्य जल बनास बेसिन की ओर अपवर्तित होगा. अंतर-बेसिन जल हस्तांतरण के अभिनव प्रयोग से उदयपुर की जल व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है.
देवास-चतुर्थ के तहत गोगुंदा के अंबावा गांव के पास 390 एमसीएफटी क्षमता का बांध निर्माणाधीन है. अंबावा के पास 4.15 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण कार्य भी तेजी से प्रगतिरत है. अंबावा से जल का अपवर्तन देवास-तृतीय परियोजना की ओर किया जाएगा. नाथियाथल गांव के पास 703 एमसीएफटी क्षमता के देवास-तृतीय बांध का निर्माण जारी है. देवास-तृतीय से 10.50 किलोमीटर लंबी टनल के जरिए जल देवास-द्वितीय तक पहुंचेगा. मुख्यमंत्री के प्रयासों से उदयपुर की जल सुरक्षा के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को गति मिल रही है.
देवास परियोजना से उदयपुर को मिलेगा प्रतिवर्ष करीब 1000 एमसीएफटी अतिरिक्त जल:
देवास परियोजना से उदयपुर को प्रतिवर्ष करीब 1000 एमसीएफटी अतिरिक्त जल मिलेगा. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उदयपुर की बढ़ती पेयजल जरूरतों के समाधान की दिशा में बड़ा कदम है. देवास परियोजना के तृतीय एवं चतुर्थ चरण से शहर को प्रतिवर्ष करीब 1000 एमसीएफटी अतिरिक्त जल मिलेगा. अतिरिक्त जल से उदयपुर की दीर्घकालीन पेयजल जरूरतों को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी. पिछोला एवं फतहसागर झीलों में जल स्तर बनाए रखने में भी परियोजना सहायक होगी.
ईको-टूरिज्म से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को भी परियोजना से गति मिलने की उम्मीद :
झीलों में पर्याप्त जल स्तर से उदयपुर की पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. ईको-टूरिज्म से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को भी परियोजना से गति मिलने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशील सोच से जल सुरक्षा के साथ पर्यटन को भी लाभ मिलेगा. परियोजना से प्रभावित परिवारों के सुरक्षित एवं व्यवस्थित पुनर्वास पर राज्य सरकार का विशेष जोर है. प्रभावित परिवारों को निकटस्थ स्थानों पर आवासीय भूखंड एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास हैं. देवास परियोजना उदयपुर के विकास और जल सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी पहल बन रही महत्वपूर्ण कड़ी है.
भजनलाल शर्मा की दूरदर्शिता से देवास परियोजना बनी उदयपुर की जल सुरक्षा की मजबूत कड़ी:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शिता से देवास परियोजना उदयपुर की जल सुरक्षा की मजबूत कड़ी बन गई है. उदयपुर की जल सुरक्षा के लिए देवास परियोजना का पहला चरण वर्ष 1974 में शुरू हुआ था. देवास-द्वितीय परियोजना वर्ष 2015 में पूर्ण हुई, आकोदड़ा बांध एवं सुरंग प्रणाली विकसित हुई. गुरुत्व प्रभाव से आकोदड़ा बांध के जरिए पानी पिछोला झील तक पहुंचाने की व्यवस्था बनी है. अब देवास-तृतीय एवं चतुर्थ चरण इसी दीर्घकालीन जल सुरक्षा की महत्वपूर्ण कड़ी है.
परियोजना से हर वर्ष करीब 1000 एमसीएफटी अतिरिक्त जल उदयपुर को उपलब्ध होगा:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में तृतीय-चतुर्थ चरण के कार्यों में अभूतपूर्व तेजी आई है. अंबावा में 390 एमसीएफटी बांध और 4.15 किलोमीटर टनल का निर्माण कराया जा रहा है. नाथियाथल में 703 एमसीएफटी क्षमता के देवास-तृतीय बांध का निर्माण प्रगतिरत है. देवास-तृतीय बांध से 10.50 किलोमीटर लंबी टनल के जरिए जल देवास-द्वितीय तक पहुंचेगा. परियोजना से हर वर्ष करीब 1000 एमसीएफटी अतिरिक्त जल उदयपुर को उपलब्ध होगा, मुख्यमंत्री की दूरदर्शी पहल से उदयपुर की जल सुरक्षा के साथ विकास और पर्यटन को भी नया आधार मिलेगा.