जयपुर: निकाय चुनाव 2026 में अब तक भाजपा के 25 निकाय अध्यक्ष निर्विरोध बने. भाजपा ने दो दर्जन का आंकड़ा पार किया. इन निकायों में भाजपा अध्यक्ष निर्विरोध बने. राजस्थान के 25 नगर निकायों में भाजपा के अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुए. पहली बार दो नगर निगमों में भी निर्विरोध अध्यक्ष का चुनाव हुआ.
भाजपा के मुकाबले कांग्रेस का केवल एक निकाय में निर्विरोध अध्यक्ष. नगर निकाय चुनावों में भाजपा के पक्ष में आमजन का विश्वास है. प्रधानमंत्री मोदी के विजन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के ढाई साल के नेतृत्व को समर्थन मिला. भाजपा की जीत से विकास और सुशासन के संकल्प को मजबूती मिली.
भरतपुर, भीलवाड़ा, हिंडौन, धौलपुर, डीग, धोरीमन्ना,चाकसू, पलसाना, खेतड़ी, कोटकासिम, खेड़ली, गोविंदगढ़ रामबास, महवा, पहाड़ी, नगर, सीकरी, कामवन (कामां),उच्चैन, रूपवास, नदबई, बसेड़ी, आहोर, पुष्कर, भिवाड़ी, बयाना में भाजपा अध्यक्ष निर्विरोध बने.
निकाय चुनाव 2026:
-अब तक भाजपा के 25 निकाय अध्यक्ष बने निर्विरोध
-दो दर्जन का आंकड़ा पार किया भाजपा ने
-इस वक्त फिर एक एक्सक्लूसिव खबर भाजपा कैम्प से
-फर्स्ट इंडिया न्यूज से ऐश्वर्य प्रधान की खबर
-इन निकायों में निर्विरोध बने भाजपा अध्यक्ष
-राजस्थान के 25 नगर निकायों में भाजपा के अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित
-पहली बार दो नगर निगमों में भी निर्विरोध अध्यक्ष का चुनाव
-भाजपा के मुकाबले कांग्रेस का केवल एक निकाय में निर्विरोध अध्यक्ष
-नगर निकाय चुनावों में भाजपा के पक्ष में आमजन का विश्वास
-प्रधानमंत्री मोदी के विजन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के ढाई साल के नेतृत्व को मिला समर्थन
-भाजपा की जीत से विकास और सुशासन के संकल्प को मिली मजबूती
-भरतपुर, भीलवाड़ा, हिंडौन, धौलपुर, डीग, धोरीमन्ना,चाकसू, पलसाना,
-खेतड़ी, कोटकासिम, खेड़ली, गोविंदगढ़ रामबास, महवा, पहाड़ी, नगर,
-सीकरी, कामवन (कामां),उच्चैन, रूपवास, नदबई, बसेड़ी,
-आहोर, पुष्कर, भिवाड़ी, बयाना में निर्विरोध बने भाजपा अध्यक्ष
आपको बता दें कि राजस्थान के 25 नगर निकायों में भाजपा के अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुए. पहली बार दो नगर निगमों में भी निर्विरोध अध्यक्ष का चुनाव हुआ. भाजपा के मुकाबले कांग्रेस का केवल एक निकाय में निर्विरोध अध्यक्ष बना. नगर निकाय चुनावों में भाजपा के पक्ष में आमजन का विश्वास है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के ढाई साल के नेतृत्व को समर्थन मिला. भाजपा की जीत से विकास और सुशासन के संकल्प को मजबूती मिली.