VIDEO: 17 अक्टूबर तक चलेगा जन सेवा अभियान, किसान-महिला-युवाओं पर खास फोकस, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: पीएम मोदी के जन्मदिन के अवसर पर जन सेवा को आम जनता का अभियान वनाने को लेकर व्यापक कवायद  शुरू हो गई है. इसके तहत आज से 1 महीने तक विकसित भारत जन सेवा अभियान के जरिए जनसेवा, सामाजिक सरोकार और सुशासन को मजबूत करने के साथ आमजन, किसान, महिला और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है. शहरी निकाय चुनाव में मतदान के बाद और पंचायती राज चुनाव से पहले शुरू हुए  इस अभियान के तहत गांव से शहर और पंचायत से वार्ड स्तर तक कई  कार्यक्रम होंगे.

आज से 17 अक्टूबर तक जारी रहने वाले विकसित भारत जन सेवा अभियान के लिए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं.
राजस्थान सरकार के आयोजना विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेश में आज  से 17 अक्टूबर 2026 तक “विकसित भारत-जन सेवा अभियान” शुरू हो गया है . 

अभियान का उद्देश्य जनसेवा, सामाजिक सरोकार और सुशासन की भावना को मजबूत करना, विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी व्यापक स्तर तक पहुंचाना और विकसित भारत-विकसित राजस्थान के लक्ष्यों में आमजन, किसानों, महिलाओं और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है.

--- हर कार्यक्रम की होगी मॉनिटरिंग ---
अभियान के दौरान होने वाली हर गतिविधि की मॉनिटरिंग के लिए IT विभाग  पोर्टल/डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा. कार्यक्रमों की तारीख, स्थान, प्रतिभागियों की संख्या और प्रमुख गतिविधियों की जानकारी के साथ फोटो और वीडियो भी पोर्टल पर अपलोड करने होंगे.
जिला स्तर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद को समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें संबंधित विभागों के जिला अधिकारियों के साथ समन्वय कर 16 सितंबर तक जिला स्तरीय कार्ययोजना तैयार करवानी है. ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, उपखंड, नगरीय निकाय और जिला स्तर पर रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी.

--- गांव से वार्ड तक जनभागीदारी ---
अभियान में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकायों तथा वार्ड स्तर तक गतिविधियां पहुंचाने पर जोर है. 
जनप्रतिनिधियों, पंचायती राज संस्थाओं, नगरीय निकायों, स्कूल-कॉलेज, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवा समूहों और महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है.
कार्यक्रमों की श्रृंखला
अभियान की शुरुआत  “आशीर्वाद का दिया” कार्यक्रम से की जा रही है. 
प्रदेश के परिवारों, विशेष रूप से नव-लाभान्वित परिवारों से घरों पर दीप प्रज्ज्वलित करने का आह्वान किया गया है. लाभार्थियों के घरों और गांव-शहर के प्रमुख स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलन एवं सामूहिक मंगलकामना कार्यक्रम होंगे. लाभार्थियों से संवाद के फोटो, वीडियो और रील तैयार कर पोर्टल पर अपलोड की जाएंगी.
इसी दिन रक्तदान शिविर भी आयोजित होंगे. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी शिविरों का आयोजन करवाएंगे और उनसे संबंधित फोटो-वीडियो पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे.

--- स्कूलों में चित्रकला, भाषण और निबंध प्रतियोगिताएं ---
17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक सरकारी और निजी स्कूलों में “मेरे सपनों का भारत” विषय पर चित्रकला, भाषण और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी. प्रतियोगिताओं की फोटो और वीडियो भी पोर्टल पर अपलोड की जाएंगी.
18 से 25 सितंबर तक ग्रामीण क्षेत्रों में “नमो सेवा-अनकही कहानियां” के तहत प्रत्येक गांव/शहरी वार्ड/निकाय में जनसेवा एवं जनकल्याण से जुड़ी प्रेरणादायी गतिविधियों का वीडियो वॉल के माध्यम से प्रसारण होगा.

--- आंगनबाड़ी से लेकर सेवा शिविर तक ---
25 से 27 सितंबर तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर “आंगन मिलन सेवा” कार्यक्रम होगा. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा सहयोगिनी का सार्वजनिक अभिनंदन किया जाएगा.
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक “सेवा की कहानी” के तहत सरकारी योजनाओं से लाभान्वित व्यक्तियों और परिवारों की रील, वीडियो और फोटो तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित करने और पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश हैं.
7 अक्टूबर को “सेवा ज्योति कलश यात्रा” निकाली जाएगी. स्कूल विद्यार्थियों की ओर से विकसित भारत के संकल्प से जुड़े स्लोगन वाले पोस्टर-बैनर के साथ रैली आयोजित की जाएगी.
2 अक्टूबर को “सेवा मेरा योगदान” कार्यक्रम के तहत गांव, ग्राम पंचायत, नगरीय वार्ड/निकाय और जिला स्तर पर स्वच्छता तथा सामुदायिक सेवा से जुड़ी गतिविधियां आयोजित होंगी.

--- सेवा सेतु अभियान में शिविर ---
ग्रामीण क्षेत्रों में 19 से 25 सितंबर और शहरी क्षेत्रों में 8 से 16 अक्टूबर तक “सेवा सेतु अभियान” चलेगा. शिविरों के माध्यम से आमजन को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी, पात्र लाभार्थियों की पहचान, पंजीकरण और लाभ दिलाने से संबंधित कार्य किए जाएंगे.
24 सितंबर और 11 अक्टूबर को “सेवा के रंग, राष्ट्र के संग” कार्यक्रम में सार्वजनिक स्थानों पर विभिन्न योजनाओं और राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़ी रंगोलियों का प्रदर्शन किया जाएगा. वहीं 1 से 15 अक्टूबर तक युवाओं की भागीदारी और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए “सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज” आयोजित होगा.
अभियान के अंतिम चरण में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार “सुशासन सेवा संवाद” के तहत संभाग और जिला स्तर पर जनप्रतिनिधियों तथा आमजन के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

--- निकाय चुनाव के बीच आचार संहिता का खास ध्यान ---
-खास बात यह है कि प्रदेश में नगरीय निकायों में आम चुनाव प्रक्रिया के बीच यह अभियान चलेगा. ऐसे में नगरीय क्षेत्रों में भारत निर्वाचन आयोग नहीं बल्कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लागू आचार संहिता के प्रावधानों का पालन अनिवार्य किया गया है.
-निर्देशों में साफ कहा गया है कि रक्तदान शिविर, चित्रकला-भाषण-निबंध प्रतियोगिता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अभिनंदन जैसे कार्यक्रम पूरी तरह प्रशासनिक परिप्रेक्ष्य में होंगे और किसी भी तरह का राजनीतिक प्रचार-प्रसार नहीं किया जाएगा.
-सरकारी योजनाओं के नए लाभार्थियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन, लाभार्थी परिवारों की रील/वीडियो तथा लाभार्थियों की पहचान, पंजीयन और लाभ दिलाने से जुड़े कार्यक्रमों पर भी रोक संबंधी निर्देश दिए गए हैं.
-स्कूल विद्यार्थियों की रैली में राजनीतिक व्यक्तियों की तस्वीर, भाषण या नाम का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा.
-चुनाव प्रक्रिया से सीधे जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों को कार्यक्रमों में शामिल नहीं करने तथा राजनीतिक पदाधिकारियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रखने के निर्देश भी दिए गए हैं. साथ ही सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक और सभी खर्चों का रिकॉर्ड रखने को कहा गया है.

गांव से शहर तक योजनाओं की जानकारी, सेवा गतिविधियां, शिविर, प्रतियोगिताएं और जनसंवाद होंगे. लेकिन नगरीय निकाय चुनाव की आचार संहिता के चलते कार्यक्रमों के राजनीतिक इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी रहेगी.