अब ई-वाहनों का किराया होगा फिक्स, ई-वाहन संचालक नहीं वसूल सकेंगे मनमर्जी का किराया

अब ई-वाहनों का किराया होगा फिक्स, ई-वाहन संचालक नहीं वसूल सकेंगे मनमर्जी का किराया

जयपुर: अब ई-वाहनों का किराया फिक्स होगा.  ई-वाहन संचालक मनमर्जी का किराया नहीं वसूल सकेंगे. जयपुर RTO प्रथम ने मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा है. प्रस्तावित दरों के अनुसार ई-रिक्शा के लिए पहले एक किमी तक न्यूनतम किराया 10 रु. होगा. जबकि इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त किलोमीटर के लिए 6 रुपए देने होंगे. 

यात्रियों को वाहन रुकवाने की स्थिति में प्रतीक्षा शुल्क भी देना होगा. प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है. रोककर रखने की पूरी अवधि के लिए 1 रु. प्रति मिनट की दर से शुल्क लिया जाएगा. सामान ढोने के मामले में 10 किलो तक के पैकेज पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा.

रात्रिकालीन सेवाओं के लिए भी विशेष प्रावधान: 
रात्रिकालीन सेवाओं के लिए भी विशेष प्रावधान किया है. रात 10:30 बजे से सुबह 5 बजे तक ई-ऑटो और ऑटो टैंगो सेवाओं पर निर्धारित किराए के अतिरिक्त 25% अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा. प्रस्ताव में ई-रिक्शा मोटर कैब के किराए भी दूरी के हिसाब से तय किए गए हैं. 5 सीट तक की मोटर कैब के लिए दो किलोमीटर तक 90 रुपए किराया प्रस्तावित है. इसके बाद दूरी बढ़ने के साथ किराया क्रमशः 120, 150, 180, 210, 240, 270, 300 और 360 रुपए तक निर्धारित करने का सुझाव दिया गया है. 

वहीं 5 सीट से अधिक क्षमता वाले ई-रिक्शा मोटर कैब के लिए 2 किमी तक 140 रु. किराया प्रस्तावित किया है. जो 20 किलोमीटर तक की दूरी के लिए बढ़कर 500 रुपए तक जाएगा. परिवहन विभाग का मानना है कि किराया दरें तय होने से ई-वाहनों के संचालन में पारदर्शिता आएगी और यात्रियों को मनमाने किराए से राहत मिलेगी. साथ ही सरकार की ई-वाहनों को बढ़ावा देने की नीति को भी मजबूती मिलेगी.