जयपुरः राजस्थान बैडमिंटन के लिए 2026 बेहद अहम रहने वाला है. एक ओर प्रदेश को दो राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी मिली है, वहीं दूसरी ओर राज्य और जोनल स्तर की प्रतियोगिताओं में बड़ा बदलाव करते हुए 15-पॉइंट स्कोरिंग सिस्टम लागू किया जा रहा है. माना जा रहा है कि यह बदलाव खिलाड़ियों की रणनीति और मुकाबलों के अंदाज़—दोनों को बदल देगा.
राजस्थान बैडमिंटन संघ को भारतीय बैडमिंटन संघ ने 2026 में दो बड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी सौंपी है. योनेक्स-सनराईज अखिल भारतीय सब जूनियर रैंकिंग प्रतियोगिता 1 से 9 अक्टूबर तक जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में होगी, जबकि इंटर स्टेट नॉर्थ जोन बैडमिंटन चैंपियनशिप 2 से 6 सितंबर तक भीलवाड़ा में आयोजित होगी. लेकिन सबसे बड़ा बदलाव स्कोरिंग सिस्टम में देखने को मिलेगा. राजस्थान में होने वाली राष्ट्रीय जोनल प्रतियोगिता और राज्य संघ की सभी प्रतियोगिताओं में क्वालीफाइंग और मेन ड्रॉ के मुकाबले अब 15 पॉइंट के होंगे. अब तक खिलाड़ी पारंपरिक 21-पॉइंट फॉर्मेट में खेलते रहे हैं, लेकिन नए सिस्टम में हर रैली की अहमियत और भी बढ़ जाएगी. छोटे मैच होने से शुरुआत में बढ़त बनाना निर्णायक साबित हो सकता है और खिलाड़ियों को आक्रामक रणनीति के साथ कोर्ट पर उतरना होगा. राजस्थान बैडमिंटन संघ के सचिव केके शर्मा ने बताया कि राजस्थान में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय जोनल प्रतियोगिता और राज्य की सभी प्रतियोगिताओं में 15-पॉइंट स्कोरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा. क्वालीफाइंग और मेन ड्रॉ दोनों इसी प्रारूप में खेले जाएंगे.
इस बीच राज्य अंडर-19 बैडमिंटन चैंपियनशिप का आयोजन स्थल भी बदल दिया गया है. अब यह प्रतियोगिता 16 से 21 सितंबर तक श्रीगंगानगर की जगह राजसमंद में आयोजित होगी. उधर 23 से 29 जुलाई तक जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राज्य रैंकिंग बैडमिंटन प्रतियोगिता होगी.इसी प्रदर्शन के आधार पर राजस्थान की अंडर-19 और सीनियर टीमों का चयन किया जाएगा, जो नॉर्थ जोन चैंपियनशिप में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगी. राजस्थान बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के नेतृत्व में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. साथ ही भारतीय टीम में चयनित अंशुमन चौधरी, अन्वी राठौड़ और मनन शर्मा को राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के दौरान राज्य संघ सम्मानित भी करेगा.