लॉरेंस गैंग के हथियार सप्लायर पर शिकंजा, अमेरिका में पकड़ा गया हरि बॉक्सर... भारत लाने की तैयारी, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए हथियारों की आपूर्ति करने और विदेश में बैठकर भारत में रंगदारी वसूली का नेटवर्क संचालित करने वाले कुख्यात अपराधी हरि बॉक्सर को अमेरिकी एजेंसी ICE ने डिटेन कर लिया है. राजस्थान पुलिस की एटीएस-एजीटीएफ के लगातार प्रयासों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय के बाद यह सफलता मिली है. 

अब आरोपी को अमेरिका से भारत लाने की कार्रवाई की जा रही है. हरि बॉक्सर के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर रखा था. राजस्थान पुलिस ने सीबीआई और इंटरपोल के माध्यम से विभिन्न देशों को 14 रेफरेंस भेजकर उसकी गिरफ्तारी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाया था.

पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर संगठित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई. अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एम.एन. के निर्देशन में एटीएस-एजीटीएफ की टीम लंबे समय से हरि बॉक्सर की गतिविधियों और लोकेशन पर नजर रख रही थी.हरिचन्द जाट उर्फ हरि बॉक्सर (40) कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के चतरपुरा गांव का निवासी है. वह लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग का सक्रिय सदस्य है. पुलिस के अनुसार वह गैंग के लिए मुख्य हथियार आपूर्तिकर्ता के रूप में काम करता था. विदेश में रहते हुए भारत में गैंग के सदस्यों तक हथियार पहुंचाने, रंगदारी की धमकियां दिलवाने और फायरिंग जैसी वारदातों को अंजाम दिलाने में उसकी अहम भूमिका थी.अप्रैल 2023 में अपने पासपोर्ट से भारत छोड़ने के बाद वह राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा. बॉलीवुड निर्देशक रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित आवास के बाहर हुई फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर उसने इसकी जिम्मेदारी भी ली थी. राजस्थान के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी, अवैध हथियार और संगठित अपराध सहित 22 से अधिक मामले दर्ज हैं.

एजीटीएफ की जांच में सामने आया कि भारत से फरार होने के बाद हरि बॉक्सर पहले दुबई पहुंचा. इसके बाद डोमिनिकन रिपब्लिक, गुयाना और फिर मैक्सिको के रास्ते डंकी रूट से अमेरिका पहुंचा. वह कैलिफोर्निया में रहकर आपराधिक गतिविधियां संचालित कर रहा था. फरवरी 2025 में गुयाना में उसकी लोकेशन मिलने पर प्रोविजनल अरेस्ट रिक्वेस्ट भेजी गई, लेकिन वह वहां से निकलकर अमेरिका पहुंच गया.एजीटीएफ ने सीबीआई के माध्यम से करीब पांच देशों को 14 इंटरपोल रेफरेंस भेजे. आरोपी के खिलाफ 14 नवंबर 2024 को रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया गया. अमेरिका को दिसंबर 2024 से जुलाई 2026 के बीच नौ इंटरपोल नोटिस भेजे गए. इसके अलावा 21 फरवरी 2025 को प्रोविजनल अरेस्ट रिक्वेस्ट, 19 अगस्त 2026 को अपडेटेड ब्रीफ डोजियर और 29 अक्टूबर 2026 को फिंगरप्रिंट उपलब्ध करवाए गए. इन्हीं प्रयासों के बाद अमेरिकी एजेंसी ICE ने उसे डिटेन किया.       

इस पूरी कार्रवाई में डीआईजी योगेश यादव के सुपरविजन में एएसपी सिद्धांत शर्मा के नेतृत्व वाली ऑपरेशनल टीम तथा एएसपी नरोत्तम लाल वर्मा के नेतृत्व वाली इंटरपोल टीम की अहम भूमिका रही. तकनीकी विश्लेषण के जरिए विदेशी मोबाइल नंबरों और आरोपी की गतिविधियों से जुड़ी सूचनाएं भी जुटाई गईं. अब हरि बॉक्सर को भारत लाने के लिए आगे की कानूनी और अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया जारी है.