दो पूर्व विधायकों की हुई कांग्रेस में घर वापसी, रामचंद्र सराधना और खिलाड़ी लाल बैरवा हुए कांग्रेस में शामिल

जयपुर: पंचायत चुनाव के बीच दो बागियों की फिर से कांग्रेस में वापसी हो गई है. पूर्व विधायक रामचंद्र सराधना और खिलाड़ी बैरवा आखिरकार आज कांग्रेस में शामिल हो गए. पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने दोनों नेताओं को आज कांग्रेस ज्वाइन कराई. दोनों नेताओं ने टिकट नहीं मिलने पर 2023 में विधानसभा चुनाव में बगावत कर दी थी.

दीपोत्सव के आगाज के साथ ही आज कांग्रेस के दो बागी नेताओं की पार्टी में रीएंट्री हो गई है. पूर्व विधायक रामचंद्र सराधना और खिलाड़ी लाल बैरवा ने फिर से कांग्रेस का दामन थाम लिया है. पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने दोनों नेताओं को पार्टी का दुपट्टा पहनाकर घर वापसी कराई. आपको बता दे कि विधानसभा का टिकट नहीं मिलने पर रामचंद्र सराधना ने विराटनगर से और खिलाड़ी बैरवा ने बसेड़ी से निर्दलीय ताल ठोकी थी. जिसके चलते पार्टी ने दोनों का बाहर का रास्ता दिखा दिया था.

कांग्रेस के कुनबे में हुई बढ़ोतरी
-दो पूर्व विधायकों की हुई पार्टी में घर वापसी
-रामचंद्र सराधना औऱ खिलाड़ी बैरवा हुए कांग्रेस में शामिल
-दोनों ने टिकट नहीं मिलने पर विधानसभा चुनाव में की थी बगावत
-सराधना ने विराटनगर औऱ बैरवा ने बसेड़ी से लड़ा था बागी होकर चुनाव
-बगावत करने पर पार्टी ने दिखा दिया था बाहर का रास्ता
-दोनों पिछले लंबे समय से घर वापसी के लिए कर रहे थे प्रयास
-लेकिन स्थानीय नेताओं के विरोध के चलते वापसी पर लगे हुए थे ब्रेक
-दोनों नेताओं ने दिल्ली से लेकर जयपुर तक खूब काटे थे वापसी के लिए चक्कर

हालांकि बगावत करने के बावजूद दोनों नेताओं को हार का सामना करना पड़ा. इनमें से रामचंद्र सराधना ने करीब 19 हजार वोट लेकर कांग्रेस प्रत्याशी इंद्राज गुर्जर के समीकरण बिगाड़ दिए और पार्टी को हार का सामना करना पड़ा. हालांकि खिलाड़ी बैरवा कोई खास करिश्मा नहीं कर पाए औऱ महज 1366 वोटों पर वो सिमट गए. बसेड़ी से कांग्रेस के युवा नेता संजय जाटव अच्छे वोटों से जीत गए. बताया जा रहा है कि दोनों का कोई खास जनाधार नहीं होने पर पार्टी ने उनकी वापसी के प्रयासों को गंभीरता से नहीं लिया. लिहाजा दोनों की वापसी में इसलिए इतनी देरी हुई.

दोनों नेताओं ने बिना किसी शर्त के पार्टी का दामन थामा है. हालांकि अगले चुनाव में दोनों को टिकट मिलना अब बहुत मुश्किल दिख रहा है. अब देखते है पार्टी घर वापसी के बाद इन नेताओं को क्या जिम्मेदारी देती है.