फ्रांस से बाबा रामदेव के दरबार पहुंचे विदेशी दंपति की मन्नत पांच दिन में हुई पूरी, खुशी से झूम उठे पर्यटक

रामदेवरा: लोक आस्था के केंद्र बाबा रामदेव की समाधि के प्रति श्रद्धा और विश्वास की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह जाए. यह कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. सात समंदर पार फ्रांस से बाबा रामदेव की नगरी रामदेवरा पहुंचे एक विदेशी पर्यटक दंपति की मन्नत महज पांच दिनों में पूरी होने का दावा सामने आया है. अपने इकलौते पुत्र के फ्रांस में उच्च सरकारी सेवा में चयन की कामना लेकर बाबा के दरबार में पहुंचे इस दंपति को महज पांच दिन बाद ही बेटे के चयन की खुशखबरी मिल गई. इसके बाद दंपति की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और बाबा के प्रति उनकी आस्था और भी गहरी हो गई.

जानकारी के अनुसार फ्रांस के शॉर्ट शहर से आए विदेशी पर्यटक दंपति ने इंटरनेट के माध्यम से बाबा रामदेव के बारे में जानकारी जुटाई थी. बाबा की महिमा और देश-विदेश में फैली श्रद्धा के बारे में जानने के बाद दोनों ने भारत यात्रा के दौरान रामदेवरा पहुंचकर बाबा की समाधि के दर्शन करने का निर्णय लिया. यहां पहुंचकर दंपति ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ बाबा की समाधि के समक्ष अरदास लगाई. उनकी सबसे बड़ी कामना अपने इकलौते पुत्र को फ्रांस की उच्च सरकारी सेवा में नौकरी दिलवाने की थी.

बताया गया कि उनका पुत्र पिछले एक दशक से भी अधिक समय से सरकारी सेवा में चयन के लिए लगातार प्रयास कर रहा था, लेकिन बार-बार कोशिशों के बावजूद सफलता नहीं मिल पा रही थी. ऐसे में निराशा के बीच दंपति ने बाबा रामदेव के दरबार में विशेष प्रार्थना की. उन्होंने मन्नत मांगी कि यदि उनके पुत्र का चयन फ्रांस की उच्च सरकारी सेवा में हो जाता है तो वे अपने बेटे को साथ लेकर दोबारा रामदेवरा आएंगे और बाबा की समाधि पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर उनका आभार व्यक्त करेंगे.

दंपति की इस अरदास के महज पांच दिन बाद ही उनके जीवन में खुशियों ने दस्तक दे दी. फ्रांस से फोन पर सूचना मिली कि उनके पुत्र का चयन सरकारी सेवा में हो गया है. यह खबर सुनते ही विदेशी दंपति की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. जिस कामना को लेकर वे हजारों किलोमीटर की यात्रा कर बाबा के दरबार पहुंचे थे, उसकी सफलता की सूचना इतनी जल्दी मिलने से वे भावुक हो उठे. दंपति ने इसे बाबा रामदेव की कृपा और अपनी आस्था का सुखद परिणाम माना.

मन्नत पूरी होने की खुशी में विदेशी पर्यटक दंपति ने जमकर जश्न मनाया. उन्होंने खुशी में डांस किया और भारतीय संस्कृति के प्रति अपना उत्साह भी प्रदर्शित किया. इस अवसर पर उन्होंने भारतीय लोगों के साथ मिठाई बांटकर अपनी खुशी साझा की. उनके चेहरे पर खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था. विदेशी धरती से आए इन श्रद्धालुओं की बाबा के प्रति आस्था देखकर वहां मौजूद लोग भी अभिभूत नजर आए.

दंपति ने अपनी मन्नत के अनुसार फ्रांस लौटने के बाद अपने पुत्र को भी इस पूरी घटना के बारे में बताएंगे और उसे साथ लेकर पुनः रामदेवरा आने का संकल्प जताया है. उनका कहना है कि वे बाबा की समाधि पर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे और अपनी मनोकामना पूरी होने पर आभार व्यक्त करेंगे.

गौरतलब है कि बाबा रामदेव की नगरी रामदेवरा देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है. यहां प्रतिदिन देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं. कोई परिवार की खुशहाली तो कोई संतान की सफलता और कोई अपने जीवन की परेशानियों से मुक्ति की कामना लेकर बाबा के दरबार में अरदास लगाता है. फ्रांस से आए इस दंपति की कहानी ने एक बार फिर रामदेवरा की अंतरराष्ट्रीय पहचान और बाबा के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा को चर्चा में ला दिया है.