जयपुर: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सचिवालय में कोटा-बूंदी न्यू ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए. बैठक में बताया गया कि कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण कार्य 4 अक्टूबर 2027 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित है. एयरपोर्ट पर 20 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा, जिसकी यात्री क्षमता प्रतिवर्ष 20 लाख होगी. यात्रियों की सुविधा के लिए 14 चेक-इन काउंटर और 9 सेल्फ चेक-इन कियोस्क स्थापित किए जाएंगे.
मुख्य सचिव ने कहा कि एयरपोर्ट निर्माण से जुड़े सभी कार्य समानांतर रूप से संचालित किए जाएं, ताकि रनवे, टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी टावर सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण एक साथ आगे बढ़ सके. कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को आधुनिक विमानन सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया जा रहा है.इसके साथ ही स्वचालित बैगेज हैंडलिंग सिस्टम और बैगेज क्लेम कैरोसेल की सुविधा भी विकसित की जाएगी. एयरपोर्ट पर आधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) व्यवस्था के लिए जी+3 मंजिला तकनीकी ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त अग्निशमन सेवाओं के लिए फायर स्टेशन भी विकसित किया जाएगा. रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एयरपोर्ट पर 1 मेगावाट पीक क्षमता का ग्राउंड माउंटेड सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा.
इससे एयरपोर्ट की वार्षिक ऊर्जा खपत का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा होगा. पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 250 किलोलीटर प्रतिदिन (केएलडी) क्षमता का एमबीबीआर आधारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किया जाएगा। इसमें जीरो डिस्चार्ज की व्यवस्था होगी. एयरपोर्ट पर यात्रियों एवं वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए 6 लेन की एप्रोच रोड विकसित की जाएगी. इसके साथ ही 300 कारों और 70 टैक्सियों की पार्किंग सुविधा और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ईवी चार्जिंग स्टेशन भी उपलब्ध होंगे. इस तरह कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पर आधुनिक यात्री सुविधाओं, बेहतर विमान संचालन क्षमता, ऊर्जा दक्षता, पर्यावरण संरक्षण और सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है.
अन्य बैठक में 235 खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की कड़ी में वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में गुरुवार को शासन सचिवालय में राज्य स्तरीय समिति की 7वीं बैठक आयोजित हुई. बैठक में समिति ने 235 सामान्य एवं पैरा पदक विजेता खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में आउट ऑफ टर्न नियुक्तियां प्रदान करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी. बैठक में समिति द्वारा पदक विजेता सामान्य एवं पैरा खिलाड़ियों के 286 नए आवेदनों पर चर्चा की गई, जिनमें से 235 सामान्य और पैरा खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में नियुक्ति के प्रस्ताव स्वीकृत किये गए. मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास है कि पदक विजेता खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के अनुरूप सम्मान एवं रोजगार के अवसर समयबद्ध रूप से उपलब्ध हों, जिससे प्रदेश के युवा खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित हों. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र खिलाड़ियों के खेल प्रमाण पत्रों के सत्यापन, लंबित प्रकरणों और पोस्टिंग से जुड़ी बाधाओं का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए. दिसम्बर 2023 से अब तक 187 पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नियुक्तियां प्रदान की जा चुकी हैं.
ए, बी और सी श्रेणी के पदों पर नियुक्तियों को मंजूरी:
बैठक में विभिन्न श्रेणियों के पदों पर नियुक्तियों के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई. श्रेणी-ए के अंतर्गत 9 खिलाड़ियों को पुलिस उप अधीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. श्रेणी-बी में 2 खिलाड़ियों को आबकारी विभाग में पेट्रोलिंग ऑफिसर ग्रेड-2 तथा राजस्थान पुलिस में उप निरीक्षक के पद पर नियुक्तियों को स्वीकृति दी गई. वहीं, श्रेणी-सी के अंतर्गत 224 पदक विजेता खिलाड़ियों को लिपिक ग्रेड-द्वितीय, कांस्टेबल, आबकारी विभाग में सिपाही और आबकारी आरक्षक और उप जेलर के पदों पर नियुक्तियों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई.
इस कैटेगिरी में 73 पैरा खिलाड़ी शामिल हैं. बैठक में पूर्व में वन विभाग में पदस्थापित खिलाड़ियों की मौजूदा स्थिति, उनकी विशिष्ट सेवा संबंधी कठिनाइयों तथा उनके समाधान के लिए आगामी विभागीय कार्ययोजना पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. इन खिलाड़ियों को नियमों में एकबारीय छूट देने और आवश्यकता के अनुसार अन्य विभागों में समायोजित करने के संबंध में भी चर्चा कर निर्णय लिया गया. मुख्य सचिव ने खेल विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से खिलाड़ियों की पोस्टिंग और अन्य लंबित प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए.