बजट घोषणा के एक साल बाद भी अधूरी सेक्टर रोड, भूमि विवाद और बिजली के खंभों में फंसी परियोजना, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः जिस सेक्टर रोड के निर्माण की घोषणा सालभर पहले हो चुकी है उस सड़क पर निर्माण कार्य का गति पकड़ना तो दूर की बात है, अब तक सड़क के लिए पूरी जमीन ही उपलब्ध नहीं हो पाई है. वहीं जहां कुछ जगह जमीन उपलब्ध है, वहां बिजली के खंभों के कारण सड़क अटकी हुई है. यह सड़क इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्यों कि यह प्राचीन झील चंदलाई से होकर गुजरती है. 

वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट अभिभाषण में राज्य सरकार की ओर से बालवाला लाखना से टोंक रोड  तक सेक्टर रोड के निर्माण की घोषणा की गई थी. इस घोषणा को एक साल से अधिक समय बीत चुका है. लेकिन अब तक इस 23 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित सेक्टर रोड के लिए पूरी जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई है. जेडीए के मास्टर प्लान में इस सेक्टर रोड की चौड़ाई कहीं 100 फीट तो कहीं 200 फीट है. इस सड़क के निर्माण की  लागत करीब 50 करोड़ रुपए है. सड़क निर्माण के लिए जेडीए ने रेट कॉन्ट्रेक्ट कर रखा है. जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण सड़क निर्माण भी अभी पूरी तरह शुरू नहीं हो पाया है.

-टोंक रोड से चंदलाई रेलवे फाटक तक इस सेक्टर रोड की चौड़ाई 200 फीट प्रस्तावित है
-चंदलाई फाटक से चंदलाई गांव तक सड़क की चौड़ाई 100 फीट प्रस्तावित है
-चंदलाई गांव के आगे से वाटिका तक सड़क की चौड़ाई 200 फीट प्रस्तावित है
-वाटिका से लाखना तक सड़क की चौड़ाई 100 फीट प्रस्तावित है
-लाखना से बालावाला तक सड़क की चौड़ाई 200 फीट प्रस्तावित है
-इस पूरे 23 किलोमीटर लंबाई की सड़क में से करीब साढ़े 4 किलोमीटर लंबाई में ही निर्धारि चौड़ाई में सड़क उपलब्ध है
-टोंक रोड से चंदलाई फाटक तक एक किलोमीटर से अधिक लंबाई में 200 फीट चौड़ाई में सड़क उपलब्ध है
-चंदलाई गांव से वाटिका तक तीन अलग-अलग टुकड़ों में 200 फीट सड़क के लिए भूमि उपलब्ध है
-वाटिका से लाखना तक ढाई किलोमीटर की लंबाई में 100 फीट की  चौड़ाई में सड़क के लिए भूमि उपलब्ध है
-जहां-जहां सड़क उपलब्ध है वहां जेडीए की ओर से डब्लूबीएम डालने का काम किया जा रहा है
-शेष साढ़े 18 किलोमीटर की लंबाई में सड़क के लिए पूरी भूमि उपलब्ध नहीं हैं
-हांलाकि जेडीए की ओर से अस्सी फीसदी खातेदारों को जेडीए एक्ट की धारा 44 के तहत भूमि समर्पण के नोटिस दिए जा चुके हैं
-जेडीए के जोन के अधिकारियों की उदासीनता के चलते सड़क के लिए भूमि लेने का काम जोर नहीं पकड़ रहा है

इस प्रस्तावित सेक्टर सड़क की सबसे खास बात यह है कि इस सड़क पर राजधानी की प्राचीन झील चंदलाई स्थित है. टोंक रोड से लेकर चंदलाई झील तक 200 फीट चौड़ी सड़क के लिए भूमि उपलब्ध होने के बावजूद सड़क का निर्माण नहीं किया जा रहा है.       

 -इस मनोरम झील को देखने और यहां समय बिताने कई लोग आते हैं
-यहीं नहीं झील पर अक्टूबर से मार्च के बीच कई प्रवासी पक्षी आते हैं
-इन प्रवासी पक्षियों को देखने के लिए कई पक्षी प्रेमी जयपुर व अन्य शहरों से यहां पहुंचते हैं
-यहां लोगों के आवागमन को देखते हुए टोंक रोड से चंदलाई झील तक सड़क चौड़ी किया जाना जरूरी है
-जेडीए के मास्टर प्लान में यह हिस्सा 200 फीट चौड़ा किया जाना प्रस्तावित है
-लेकिन पूरी भूमि उपलब्ध होने के बावजूद सड़क चौड़ी कर जेडीए की ओर से सड़क निर्माण नहीं किया जा रहा है
-इसके पीछे वजह यह कि इस रास्ते में एक तरफ बिजली आपूर्ति के खंभे हैं तो दूसरी तरफ रोडलाइट के खंभे हैं
-इन खंभों को शिफ्ट की जिम्मेदारी दी गई है जेडीए की विद्युत शाखा के अभियंताओं को
-जयपुर विद्युत वितरण निगम की ओर तकनीकी स्वीकृति भी जारी कर दी गई है
-जेडीए की विद्युत शाखा की ओर से इसके लिए निविदाएं भी प्राप्त कर ली गई है
-लेकिन कई स्थानों पर सड़क के लिए भूमि उपलब्ध नहीं होने के चलते मामले में कवायद आगे नहीं बढ़ रही है
-जबकि जानकारों का कहना है कि टोंक रोड से चंदलाई झील तक सड़क के लिए पूरी भूमि उपलब्ध है
-तो फिर चंदलाई झील के महत्व को देखते हुए इस हिस्से में तो बिजली के खंभो को शिफ्ट किया जाना चाहिए
-ताकि यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क के इस हिस्से को चौड़ा किया जा सके
-इसके अलावा जहां भी सड़क के लिए पूरी भूमि मौके पर है, वहां भी बिजली के खंभों को शिफ्ट करना चाहिए