जयपुरः इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव साइंसेज -IIAS के अध्यक्ष V. श्रीनिवास ने रोम कॆ सैपिएंजा यूनिवर्सिटी में आयोजित 51वें यूरोपियन ग्रुप ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (EGPA) सम्मेलन में राजस्थान के सुशासन के मॉडल को आगे रखा. PM मोदी के Maximum Governance–Minimum Government’ के विजन को प्रस्तुत करते हुए कहा कि राजस्थान का सुशासन मॉडल नागरिक केंद्रितता, समग्र विकास और ‘सबका साथ-सबका विकास’ की सोच पर आधारित है.
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रोम में EGPA सम्मेलन में अध्यक्षीय उद्बोधन में राजस्थान में किए राजकाज और प्रशासनिक सुधारों पर जोर दिया. उन्होंने राज काज एनालिटिक्स के जरिए विभागों के प्रदर्शन की रैंकिंग, रिकॉर्ड प्रबंधन और लंबित कार्यों के समयबद्ध निस्तारण में तकनीक की भूमिका का जिक्र किया. साथ ही मिशन राजीविका को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण मॉडल बताया और क्रेडिट, मार्केटिंग तथा स्किल लिंकेज को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई. ‘विकसित राजस्थान-2047’ के विजन का जिक्र करते हुए उन्होंने राजस्थान जनसंपर्क प्लेटफॉर्म के जरिए जन शिकायतों के निस्तारण में तकनीक के इस्तेमाल को महत्वपूर्ण बताया. IIAS में अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने “Public Governance for the Common Good – Human Intelligence Serving the Global Community” विषय पर वैश्विक सार्वजनिक प्रशासन, सुशासन और प्रशासनिक सुधारों की दिशा पर विचार रखे. सम्मेलन में 70 से अधिक देशों से 900 से अधिक प्रस्तुतियां मिलीं. अगले चार दिनों में सार्वजनिक प्रशासन से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा और अकादमिक आदान-प्रदान होगा. श्रीनिवास ने कहा कि बदलती दुनिया में शासन व्यवस्था को अगली पीढ़ी के प्रशासनिक सुधारों और शासन के रूपांतरण की दिशा में आगे बढ़ाना होगा. उन्होंने भारत के संदर्भ में नागरिकों तक सेवाओं की अंतिम छोर तक सहज पहुंच, सरकारी प्रक्रियाओं में अनावश्यक हस्तक्षेप कम करने और तकनीक के माध्यम से नागरिकों को सशक्त बनाने पर जोर दिया.
क्या रहा सम्मेलन में खास ?
सीएस वी. श्रीनिवास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘Next Generation Reforms’ और ‘Panch Pran’ के विजन का भी जिक्र किया.
उन्होंने कहा कि ‘Maximum Governance–Minimum Government’ की सोच के तहत डिजिटल रूप से सशक्त नागरिक और डिजिटल रूप से बदले हुए संस्थान विकसित किए जा रहे हैं.
शासन और नागरिकों के बीच तकनीक के जरिए दूरी कम करने, शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक संवेदनशील और सुलभ बनाने और अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग को महत्वपूर्ण बताया.
राजस्थान के प्रशासनिक सुधारों का भी किया उल्लेख
IIAS अध्यक्ष ने अपने संबोधन में राजस्थान में किए जा रहे प्रशासनिक सुधारों और तकनीक आधारित शासन व्यवस्था का विशेष जिक्र किया.
उन्होंने राज काज एनालिटिक्स के जरिए विभागों के प्रदर्शन की रैंकिंग, रिकॉर्ड प्रबंधन और लंबित कार्यों के समयबद्ध निस्तारण में तकनीक की भूमिका का जिक्र किया.
साथ ही मिशन राजीविका को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण मॉडल बताया और क्रेडिट, मार्केटिंग तथा स्किल लिंकेज को आगे बढ़ाने की आवश्यकता जताई.
श्रीनिवास ने राजस्थान के राज उन्नति मॉडल का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि राज उन्नति के तहत 2.5 बिलियन रुपये से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की गई तथा बिजली, रेलवे और पेट्रोलियम क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति दी गई.
AI और डिजिटल गवर्नेंस को बताया भविष्य की जरूरत
संबोधन में उन्होंने कहा कि आज का दौर स्मार्ट सिटी, स्मार्ट क्लासरूम, स्मार्ट पुलिस स्टेशन और डिजिटल सार्वजनिक अस्पतालों का है. UMANG, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, WhatsApp आधारित सेवाओं, एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण और आधार आधारित सेवाओं से नागरिकों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
उन्होंने कहा कि शासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का व्यापक इस्तेमाल देखने को मिल रहा है.
EGPA के भविष्य की रूपरेखा रखते हुए श्रीनिवास ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, सस्टेनेबिलिटी और नागरिक-केंद्रित शासन जैसे उभरते विषयों पर अधिक काम करने, युवा शोधकर्ताओं और प्रशासनिक पेशेवरों की भागीदारी बढ़ाने तथा पारदर्शी और सहभागी निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर दिया.
उन्होंने यूरोप और अन्य क्षेत्रों के बीच सहयोग बढ़ाने तथा शोध और प्रशासनिक व्यवहार के बीच बेहतर सेतु विकसित करने की आवश्यकता भी बताई.
वीओ- श्रीनिवास ने इस पर जोर दिया कि अलग-अलग क्षेत्रों, पीढ़ियों और भौगोलिक पृष्ठभूमियों के लोगों को साथ लेकर चलने वाली समावेशी व्यवस्था ही सार्वजनिक प्रशासन को और प्रभावी बना सकती है.