जयपुर : रामगढ़ में छोड़ा गया बाघ RVT-07 जंगल में बेहतर व्यवहार कर रहा है. फील्ड डायरेक्टर सुगनाराम जाट ने बताया बाघ का व्यवहार सकारात्मक है. RVT-07 करीब 18 दिनों से जंगल में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहा है. 24 जून को पांच हेक्टेयर क्षेत्र से बाघ बाहर निकला था.
बाघ जंगल में अपने रहने का इलाका बनाने में जुटा है. पेड़ों पर स्क्रैच मार्क्स और स्प्रे से लगातार अपनी मौजूदगी का दूसरे वन्यजीवों को अहसास करा रहा है. प्राकृतिक माहौल में नर बाघ खुद शिकार कर रहा है. जंगल में बाघिनों RVT-05 और RVT-06 से भी संपर्क हुआ.
बाघ का व्यवहार सामान्य और उम्मीद के मुताबिक दिखाई दिया. GPS कॉलर और कैमरा ट्रैप से लगातार निगरानी जारी है. वन विभाग बाघ की गतिविधियों का वैज्ञानिक अध्ययन कर रहा है. शिकार करने की क्षमता से बाघ की मजबूती दिखी है.
रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में संरक्षण को नई उम्मीद मिली है. वन विभाग लगातार उसकी हर गतिविधि पर नजर रख रहा है. रामगढ़ विषधारी में बाघ पुनर्वास योजना को बड़ी सफलता मिली है. डीसीएफ अरुण कुमार और टीम भी लगातार मॉनिटरिंग कर रही है.