जयपुर: निकाय चुनाव की जंग के पहले चरण का चुनाव समाप्त होते ही अब बाड़ेबंदी का दौर शुरु हो गया है. कांग्रेस ने वोटिंग होते ही अपने प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी शुरु कर दी है. पुष्कर, रणथंभौर, उदयपुर औऱ माउंट आबू जैसी जगह पर प्रत्याशियों को होटल और रिसॉर्ट में ठहराया जा रहा है. जयपुर के प्रत्याशियों की कल बाड़ेबंदी के लिए 150 कमरों का रिसोर्ट बुक कराया जा चुका है.
निकाय चुनाव के रण में राजस्थान में कल 162 निकायों के चुनाव हो चुके है. मतदान होते ही सियासी दलों ने प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी भी शुरु कर दी है. कांग्रेस ने नगर निगम,नगर परिषद औऱ बड़ी नगर पालिकाओं के प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी तेज कर दी है. इसके लिए हिल स्टेशन औऱ टूरिस्ट पैलेस पर प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी हो रही है. विधायकों,सांसदों और विधानसभा चुनाव प्रत्याशियों को बाड़ाबंदी के मैनेजमेंट की जिम्मेदारी दी है. रिजल्ट आने और फिर बहुमत मिलने पर निकाय प्रमुख के चुनाव होने तक यह बाड़ेबंदी जारी रहेगी.
निकाय चुनाव की जंग
-कांग्रेस ने की अपने प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी की शुरु
-होटल औऱ रिसॉर्ट कराए कांग्रेस ने बाड़ेबंदी के लिए बुक
-हिल स्टेशन और टूरिस्ट पैलेस पर हो रही है ज्यादातर बाड़ेबंदी
-पुष्कर,उदयपुर,रणथंभौर और माउंट आबू में हो रही है बाड़ेबंदी
-महिला प्रत्याशियों के साथ एक रिश्तेदार को रखा जाएगा बाड़ेबंदी में
- प्रत्याशी नहीं कर सकेंगे बाड़ेबंदी में मोबाइल पर किसी से बातचीत
-अधिकतर बाड़ेबंदी कांग्रेस अपने नेताओं और खास लोगों के ठिकानों पर करेगी
-जिला अध्यक्ष,प्रभारी,को ऑर्डिनेटर और विधायक रखेंगे प्रत्याशियों पर नजर
-रिजल्ट के बाद हारने वाले उम्मीदवार हो जाएंगे बाड़ेबंदी से फ्री
-बहुमत आने पर निकाय प्रमुख के चुनाव होने तक बाड़ेबंदी रहेगी जारी
-क्रॉस वोटिंग और हॉर्स ट्रेडिंग से बचने के लिए बाड़ेबंदी का लिया सहारा
आपको बता दे कि राजस्थान के इतिहास में पहली बार तमाम निकायों के एक साथ चुनाव हो रहे है. इस लिहाज से यह बाड़ेबंदी भी आज तक की सबसे लंबी अवधि की होगी. सामने आ रहा है कि बाड़ेबंदी के दौरान प्रत्याशियों की हर मनुहार होटल औऱ रिसोर्ट में होगी. वहीं बाड़ाबंदी के दौरान प्रत्याशियों को पर्यटन पैलेस के भ्रमण के साथ धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने की भी योजना है. बाड़ेबंदी से ही रिजल्ट के दिन सभी को सीधे काउंटिंग सेंटर पर लाया जाएगा. .हारने वाले फिर घर लौट जाएंगे औऱ जीतने वाले फिर 21 सितंबर तक बाड़े में ही रहेंगे.
बाड़ेबंदी की जिम्मेदारी कई जगह बड़े नेताओं को भी दी गई है. अलवर में खुद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मोर्चा संभाल लिया है. सबसे अहम जयपुर नगर निगम चुनाव की जंग जीतने के लिए कांग्रेस ने बाड़ेबंदी का सीक्रेट प्लान बनाया है. कल ही 150 कमरों का रिसोर्ट भी बुक करा लिया गया है. दरअसल कांग्रेस इस बार क्रॉस वोटिंग को लेकर काफी अलर्ट है. क्योंकि कांग्रेस को लगता है सरकार हर हथकंडा कांग्रेस के विजयी प्रत्याशियों को तोड़ने के लिए अपना सकती है. लिहाजा बाड़ेबंदी के जरिए कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों को सेफ हाउस में रखने का फैसला लिया है.