कमजोर मानसून के साइडइफेक्ट्स ! देश के करीब 51 फीसदी हिस्से में सूखे जैसे हालात से बढ़ी चिंता

कमजोर मानसून के साइडइफेक्ट्स ! देश के करीब 51 फीसदी हिस्से में सूखे जैसे हालात से बढ़ी चिंता

नई दिल्ली : कमजोर मानसून के साइडइफेक्ट्स हो रहे हैं. 20 सितंबर तक देश में औसत से 15 फीसदी कम बारिश हुई है. सूखे की मार के चलते 36 में से 19 सब-डिवीजन प्रभावित हो रहे हैं. देश के करीब 51 फीसदी हिस्से में सूखे जैसे हालात से चिंता बढ़ी है. कमजोर बारिश से खरीफ का रकबा और पैदावार घटने की आशंका है.

ऐसे में उत्पादन घटने और खाद्य महंगाई बढ़ने से जेब पर असर पड़ सकता है. एफएमसीजी, दोपहिया और कृषि उपकरणों की मांग में कमी आ सकती है. दलहन, खाद्य तेल और कॉटन का आयात बढ़ने से रुपए पर दबाव बढ़ सकता है. सरकार के सामने क्रूड, क्रॉप्स और करेंसी यानी महंगाई के तीन मोर्चों की चुनौती है. अक्टूबर से दिसंबर में अलनीनो के असर से रबी की फसल भी प्रभावित हो सकती है.

कमजोर मानसून के साइडइफेक्ट्स !
-20 सितंबर तक देश में औसत से 15 फीसदी कम बारिश
-सूखे की मार के चलते 36 में से 19 सब-डिवीजन प्रभावित
-देश के करीब 51 फीसदी हिस्से में सूखे जैसे हालात से बढ़ी चिंता 
-कमजोर बारिश से खरीफ का रकबा और पैदावार घटने की आशंका
-ऐसे में उत्पादन घटने और खाद्य महंगाई बढ़ने से जेब पर पड़ सकता असर 
-एफएमसीजी, दोपहिया और कृषि उपकरणों की मांग में आ सकती है कमी 
-दलहन,खाद्य तेल और कॉटन का आयात बढ़ने से रुपए पर बढ़ सकता दबाव 
-सरकार के सामने क्रूड,क्रॉप्स और करेंसी यानी महंगाई के तीन मोर्चों की चुनौती
-अक्टूबर से दिसंबर में अलनीनो के असर से रबी की फसल भी हो सकती प्रभावित