रक्षा क्षेत्र में भारत की बड़ी छलांग, 5 साल में 3 लाख करोड़ का लक्ष्य... मिसाइल और ड्रोन के निर्माण में निजी क्षेत्र की बढ़ी भागीदारी

जयपुरः रक्षा क्षेत्र में भारत ने बड़ी छलांग लगाई है. भारत के रक्षा निर्यात में 5 साल में साढ़े 4 गुना की बढ़ोतरी हुई है. रक्षा निर्यात का आंकड़ा 38 हजार 424 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. पहली बार भारत का रक्षा निर्यात, विदेशी रक्षा खरीद से अधिक हुआ. रक्षा निर्यात में निजी कंपनियों की हिस्सेदारी 45.2 प्रतिशत दर्ज की गई. 

निजी क्षेत्र का रक्षा निर्यात 7,271 करोड़ से बढ़कर 17,353 करोड़ रुपये हुआ है. DRDO ने निजी कंपनियों को 2,372 सैन्य तकनीकों का ट्रांसफर किया. भारत फोर्ज, टाटा एडवांस्ड, अडाणी डिफेंस और एलएंडटी जैसी कंपनियां शामिल रही. 

3 लाख करोड़ का लक्ष्य:
मिसाइल, रडार, ड्रोन और अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों के निर्माण में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ी है. देश का रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, 5 साल में 3 लाख करोड़ का लक्ष्य रखा गया है. खास बात ये है कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता से सैन्य ताकत बढ़ेगी. सरकारी कारखानों पर निर्भरता कम होगी.       

रक्षा निर्यात का आंकड़ा 38 हजार 424 करोड़ रुपये के पार पहुंचा
पहली बार भारत का रक्षा निर्यात, विदेशी रक्षा खरीद से हुआ अधिक 
रक्षा निर्यात में निजी कंपनियों की हिस्सेदारी 45.2 प्रतिशत दर्ज
निजी क्षेत्र का रक्षा निर्यात 7,271 करोड़ से बढ़कर 17,353 करोड़ रुपये हुआ
DRDO ने निजी कंपनियों को 2,372 सैन्य तकनीकों का किया ट्रांसफर
भारत फोर्ज, टाटा एडवांस्ड, अडाणी डिफेंस और एलएंडटी जैसी कंपनियां शामिल
मिसाइल, रडार, ड्रोन और अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों के निर्माण में निजी क्षेत्र की बढ़ी भागीदारी