जयपुर : राजधानी जयपुर में दीवाली से पहले ही हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है. मौसम विभाग और भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमान के मुताबिक, छह नवंबर यानी धनतेरस से वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचने की आशंका है.
दीपावली पर प्रदूषण नियंत्रण के लिए राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने अलर्ट जारी किया है. जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अलवर और भिवाड़ी में विशेष निगरानी रहेगी. राजस्थान के 50 सतत वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों से प्रदूषण के आंकड़े जुटेंगे. 1 से 15 नवंबर तक वायु गुणवत्ता के विभिन्न मानकों की जांच होगी. पीएम-10, पीएम-2.5, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड पर नजर रहेगी. सदस्य सचिव कपिल चंद्रवाल के निर्देश पर क्षेत्रीय अधिकारियों को विशेष निगरानी की जिम्मेदारी दी है.
राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल की अपील:
राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने अपील करते हुए कहा कि इस बार प्रदूषण मुक्त और पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाएं. सदस्य सचिव कपिल चंद्रवाल बोले कि सतत जीवनशैली की शुरुआत छोटे-छोटे बदलावों से होगी. मिट्टी के दीपक, ऊर्जा बचत और पुनः उपयोग योग्य सजावटी सामग्री अपनाने पर जोर दें. सिंगल यूज प्लास्टिक और अनावश्यक पैकेजिंग से बचें. पटाखों और तेज आवाज से होने वाले वायु एवं ध्वनि प्रदूषण के प्रति जागरूक रहें. त्योहार की खुशियों के साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता बनाएं.
प्रदूषण की वैज्ञानिक निगरानी, ध्वनि स्तर पर भी नजर:
इस दिपावली पर प्रदूषण की वैज्ञानिक निगरानी होगी ध्वनि स्तर पर भी नजर रहेगी. दीपावली के दौरान राजस्थान में वायु के साथ ध्वनि प्रदूषण की भी विशेष मॉनिटरिंग होगी. 8 नवंबर सुबह 6 से 9 नवंबर सुबह 6 बजे तक विशेष आंकड़े जुटेंगे. दीपावली पूर्व और दीपावली के दौरान प्रदूषण स्तर की तुलनात्मक जांच होगी. पीएम-10 में सीसा, निकेल, आर्सेनिक और पीएम-2.5 में धात्विक तत्वों का विश्लेषण होगा. सर्वोच्च न्यायालय और CPCB के निर्देशों की पालना पर विशेष फोकस रहेगा. प्रदूषण नियंत्रण मंडल की आमजन से अपील-निर्धारित ध्वनि मानकों का ध्यान रखें.