जोधपुर: जोधपुर के एयरफोर्स स्टेशन पर भारत की मेगा बहुराष्ट्रीय एयर एक्सरसाइज ‘तरंग शक्ति-2026’ का आज तीसरा दिन है. 12 अक्टूबर तक चलने वाले इस युद्धाभ्यास में भारत समेत विभिन्न देशों की वायुसेनाएं संयुक्त रूप से हिस्सा ले रही हैं. अभ्यास के दौरान अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की उड़ानों के साथ पायलट साझा मिशन, हवाई युद्ध तकनीक और सामरिक तालमेल का अभ्यास कर रहे हैं.
सुखोई-30MKI, राफेल, तेजस और जगुआर भी युद्धाभ्यास का हिस्सा:
इस बार तरंग शक्ति की सबसे बड़ी खासियत अमेरिकी वायुसेना के 5वीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर F-35 लाइटनिंग की पहली भारतीय भागीदारी है. भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी जोधपुर पहुंचे और अमेरिकी वायुसेना की भागीदारी पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने बताया कि छह F-35 लड़ाकू विमान और 200 से अधिक अमेरिकी एयरफोर्स कर्मी अभ्यास में शामिल हुए हैं. भारतीय वायुसेना के सुखोई-30MKI, राफेल, तेजस और जगुआर भी युद्धाभ्यास का हिस्सा हैं.
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर भी फोकस:
अमेरिका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, यूएई सहित विभिन्न देशों के लड़ाकू विमान, AWACS और रिफ्यूलर विमान संयुक्त उड़ानें भर रहे हैं. दिन और रात के ऑपरेशन के जरिए जटिल हवाई युद्ध परिस्थितियों में संयुक्त मिशन की क्षमता को परखा जा रहा है. बहुराष्ट्रीय अभ्यास का उद्देश्य अलग-अलग वायुसेनाओं के बीच ऑपरेशनल समन्वय और इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाना है. साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर भी फोकस किया जा रहा है.