VIDEO: RIMS के लिए मिशन मोड पर काम, CM भजनलाल शर्मा की बजट घोषणा के क्रियान्वयन में जुटा चिकित्सा महकमा, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी RIMS को धरातल पर उतरने के लिए मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है. RIMS की प्रोग्रेस का चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने आज रिव्यू लिया, जिसमें चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्टीयरिंग कमेटी के सदस्यों ने भाग लिया. बैठक में आरयूएचएस को रिम्स के रूप में अत्याधुनिक एवं विश्वस्तरीय चिकित्सा संस्थान के रूप में स्थापित किए जाने को लेकर कई मुद्दों पर चर्चा की गई.

स्वास्थ्य भवन में आयोजित हाई लेवल बैठक में चिकित्सा मंत्री खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर एवं उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि रिम्स की स्थापना चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में राजस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी. चिकित्सा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना से संबंधित सभी कार्यों को चरणबद्ध एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए. उन्होंने आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, डिजिटल हेल्थ सिस्टम तथा विशेषज्ञ सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि संस्थान को अत्याधुनिक एवं तकनीकी रूप से सक्षम चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जिससे मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुगम स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें. उन्होंने आरयूएचएस अस्पताल में मानव संसाधन शीघ्र बढ़ाए जाने के निर्देश दिए. इसके लिए तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक कमेटी गठित की जाएगी. 

RIMS में हाई क्वालिटी क्लिनिक केयर पर रहेगा फोकस 
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में आए सुझाव 
बैठक में रिम्स की स्थापना से जुड़े प्रशासनिक, तकनीकी एवं 
कानूनी पहलुओं पर विस्तार से की गई चर्चा 
इस दौरान विशेषज्ञों ने संस्थान को विश्व स्तर के चिकित्सा एवं 
अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए
विशेषज्ञों ने इस संस्थान में हाई क्वालिटी क्लिनिक केयर, 
चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में विश्व स्तरीय शोध व अनुसंधान और 
इसके प्रशासनिक एवं आधारभूत ढांचे को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए
इस सुझाव में को अमल में लाने के लिए अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी 

RUHS में सेवाओं के विस्तार से बढ़ा मरीजों का विश्वास 
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में रखे गये डेटा 
चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव  गायत्री राठौड़ ने दी जानकारी 
उन्होंने रिम्स के विकास को लेकर अब तक किए गए प्रयासों पर डाला प्रकाश
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुसार इस संस्थान को किया जांच विकसित 
इसके लिए एक प्रभावी एक्शन प्लान तैयार कर कार्य किया जा रहा है, 
ताकि टाइमलाइन में RIMS का कार्य पूरा किया जा सके
उन्होंने बताया कि RUHS में विगत समय में कई सुपर स्पेशलिटी सेवाएं शुरू की गई हैं
एडवांस डायग्नोसिस प्रारंभ हो रहे हैं, ताकि रोगियों को बेहतर उपचार मिल रहा है
निरंतर विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का विस्तार किए जाने का दिख रहा असर
RUHS में ओपीडी एवं आईपीडी दोनों में रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है
उन्होंने बताया कि रिम्स से एसएमएस सहित प्रमुख अस्पतालों पर मरीजों का भार कम होगा तथा 
प्रदेश में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा

रेफरल इंस्टीट्यूट के रूप में विकसित होगा रिम्स
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक 
बैठक में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबू लाल गोयल ने दी जानकारी
उन्होंने बताया कि RIMS को एक अत्याधुनिक, स्वायत्त एवं 
उच्च स्तरीय सुपर स्पेशियलिटी संस्थान के रूप में स्थापित किया जाएगा,
जहां चिकित्सा सेवा, शोध एवं मेडिकल शिक्षा को नई दिशा मिलेगी
यह संस्थान AIIMS दिल्ली की तर्ज पर उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं, 
उन्नत अनुसंधान एवं गुणवत्तापूर्ण पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षा का केंद्र बनेगा
संस्थान में आधुनिक तकनीक, डिजिटल हेल्थ सिस्टम, 
AI आधारित सुविधाओं एवं रोबोटिक तकनीकों का समावेश किया जाएगा 
आरयूएचएस के कुलगुरु प्रमोद येवले ने दी जानकारी

उन्होंने बताया कि रिम्स को पूर्णतः पोस्ट ग्रेजुएट एवं क्वाटरनरी रेफरल इंस्टीट्यूट के रूप में विकसित किया जाएगा बैठक में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी, आरयूएचएस मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य मोनिश  ग्रोवर, आरयूएचएस के अधीक्षक अनिल  गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे. इस दौरान एम्स दिल्ली एवं विभिन्न प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्टीयरिंग कमेटी के सदस्यों ने भी कई अहम सुझाव दिए !