तिरुपति में जुटेंगे देश के दिग्गज पुलिस अधिकारी, PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह होंगे शामिल, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः देशभर के पुलिस महानिदेशकों और पुलिस महानिरीक्षकों का सालाना सम्मेलन इस बार आंध्र प्रदेश के तिरुपति में आयोजित होगा. 61वीं डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस 4 से 6 दिसंबर तक चलेगी. देश की आंतरिक सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के शामिल होने का कार्यक्रम है. सम्मेलन में देश की सुरक्षा चुनौतियों, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और पुलिसिंग को आधुनिक बनाने के उपायों पर चर्चा होगी.

सम्मेलन में राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा भी शामिल होंगे. इस दौरान विभिन्न राज्यों के पुलिस प्रमुखों और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा. सम्मेलन में होने वाली चर्चाओं और सुझाए जाने वाले उपायों का असर राज्यों की पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा रणनीति पर भी पड़ सकता है. सम्मेलन में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने, संगठित अपराध के नेटवर्क को तोड़ने और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे. नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई, खुफिया सूचनाओं को साझा करने और अपराधियों के अंतरराज्यीय गठजोड़ को खत्म करने की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है. साइबर अपराध और डिजिटल ठगी जैसी तेजी से उभरती चुनौतियां भी पुलिस के लिए अहम विषय रहेंगी.आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के बीच आंदोलनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संवेदनशील परिस्थितियों से निपटने और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श होगा. सीमा पार से घुसपैठ, आतंकवाद और देश विरोधी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उपायों पर चर्चा महत्वपूर्ण रहेगी. इसके साथ ही अवैध गतिविधियों में संलिप्त गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) पर निगरानी और कानून के दायरे में कार्रवाई जैसे मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हो सकते हैं.     

तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बीच पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भूमिका भी महत्वपूर्ण विषय होगी. अपराधों की पहचान, संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण, साइबर अपराधों की जांच और पुलिस के कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने में नई तकनीकों के इस्तेमाल पर विचार किया जा सकता है. इसके अलावा आधुनिक पुलिस व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा होगी. तिरुपति के भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) में होने वाले इस सम्मेलन की तैयारियों को लेकर आंध्र प्रदेश सरकार ने अंतर-विभागीय समन्वय के साथ व्यवस्थाएं शुरू कर दी हैं. सम्मेलन में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 200 से अधिक आईपीएस अधिकारियों तथा खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों सहित केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है.राजस्थान के डीजीपी राजीव शर्मा की भागीदारी के साथ प्रदेश की पुलिस के लिए भी यह सम्मेलन राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा से जुड़ी नई रणनीतियों, तकनीकी नवाचारों और दूसरे राज्यों की कार्यप्रणाली को समझने का महत्वपूर्ण अवसर होगा. सम्मेलन में होने वाले विचार-विमर्श से देश की पुलिस व्यवस्था को बदलती सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने की दिशा तय होने की उम्मीद है.